
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के बीच तीखी जुबानी जंग शुरू हो गई है। प्रशांत किशोर द्वारा ओवैसी को दी गई एक ‘सलाह’ AIMIM को इतनी नागवार गुजरी कि पार्टी ने जोरदार पलटवार कर दिया। AIMIM का आरोप है कि प्रशांत किशोर अपनी राजनीतिक छवि चमकाने के लिए सांसद असदुद्दीन ओवैसी के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। बिहार में दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को मतदान होंगे और 14 नवंबर को मतगणना होगी।
प्रशांत किशोर की सलाह पर AIMIM के प्रवक्ता वारिस पठान ने जमकर हमला बोला। पठान ने कहा, ‘दुनिया में सबसे आसान काम सलाह देना है। मैं प्रशांत किशोर से कहना चाहता हूं कि अपनी सलाह अपने पास ही रखें।’ उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि प्रशांत किशोर खुद डरे हुए हैं, इसीलिए चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। पठान ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर हों, राजद हो, कांग्रेस हो या जदयू हो, सीमांचल में ओवैसी की यात्रा में लाखों लोगों को देखने के बाद इन लोगों के ‘पेट में दर्द होने लगा है।’
दरअसल, जन सुराज नेता प्रशांत किशोर ने हाल ही में असदुद्दीन ओवैसी को सलाह देते हुए कहा था, ‘ओवैसी साहब मेरे दोस्त हैं, लेकिन मेरी सलाह है कि उन्हें हैदराबाद संभालना चाहिए। अपना गढ़ हैदराबाद संभालें और सीमांचल आकर बेवजह कंफ्यूजन न बढ़ाएं।’ किशोर ने यह भी कहा था कि अगर ओवैसी हैदराबाद संभालते और वहाँ के मुसलमानों का भला करते, तो अच्छा होता। उन्होंने सीमांचल के मुसलमानों से अपील की थी कि उन्हें 2020 में की गई गलती को नहीं दोहराना चाहिए और यहाँ हैदराबाद से लाकर नेता को स्थापित करने की जरूरत नहीं है।
