सतना : जिले के मझगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पिण्डरा में पयस्युनी नदी के किनारे मंगलवार की सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई जब वहां पर एक मानव का कटा हुआ हाथ पड़ा दिखाई दिया. पुलिस और फोरेंसिक टीम द्वारा उक्त हाथ को जब्त कर जांच शुरु कर दी गई है. वहीं दूसरी ओर कटा हुआ हाथ अस्पताल में उपचाररत एक व्यक्ति का बताया जा रहा है.
ग्राम पिण्डरा में पयस्युनी नदी के किनारे मानव का कटा हुआ हाथ पड़ा होने की सूचना पर मझगवां थाना प्रभारी आदित्य नारायण धुर्वे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए. पूछे जाने पर स्थानीय रहवासियों से भी कटे हुए हाथ के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली. वहीं जिस स्थान पर कटा हुआ हाथ पड़ा हुआ था वहां पर गीली मिट्टी होने के कारण कई लोगों के पैरों के निशान भी स्पष्ट नजर आ रहे थे.
लिहाजा मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी जांच के लिए मौके पर बुला लिया गया. आस पास के क्षेत्र की सघन जांच करते हुए यह देखने का प्रयास किया गया कि किसी व्यक्ति का शव तो नहीं पड़ा हुआ है. लेकिन काफी देर तक तलाश करने के बावजूद भी शव नहीं मिल सका. पुलिस और फोरेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल और आस पास के क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद हाथ को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया गया. इसी कड़ी में पुलिस द्वारा आस पास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की जानकारी मंगाई जाने लगी. लिहाजा पुलिस द्वारा उक्त मामले को हत्या, दुर्घटना अथवा किसी अन्य कारण जैसे सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरु कर दी गई.
परिजनों ने जंगल में फेंका
इस मामले में पुलिस द्वारा जब बरीकी से पड़ताल शुरु की गई तो नई कहानी सामने आने लगी. जिसके अनुसार कटा हुआ हाथ भगड़ा निवासी पंकज पटेल पिता सद्धू पटेल का बताया गया. साथ ही यह जानकारी भी सामने आई कि तेल मिल में कार्य करने के दौरान 24 अक्टूबर को मशीन में हाथ फंसने से पंकज का हाथ कट गया था. जिसके चलते उसे उपचार के लिए शहर के बिरला हास्पिटल में लाया गया था. बताया गया कि अस्पताल में भर्ती कराने के बाद परिजनों द्वारा कटे हुए हाथ को जंगल में फेंक दिया गया था. लिहाजा माना जा रहा है कि कोई जावनर उस हाथ को वहां से उठाकर नदी किनारे ले आया होगा.
