
दमोह। पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के द्वारा इंदौर की तरह ही दमोह में भी आवेदकों की समस्या के समाधान के लिए फीडबैक फॉर्म जैसी नई पहल की शुरुआत की है. इसमें फरियादियों से ऑनलाइन फीडबैक फॉर्म भरवाया जाएगा, ताकि वह थाने में हुए उनके साथ व्यवहार की पूरी जानकारी इस फॉर्म में भरकर देंगे. इसके बाद एसपी खुद इस फॉर्म की मॉनिटरिंग करेंगे.यदि किसी थाना प्रभारी की शिकायत इस फॉर्म में मिलती है, तो थाना प्रभारी से जानकारी ली जाएगी. साथ ही आवेदक से उसकी समस्याओं के बारे में भी पूछा जाएगा. मंगलवार दोपहर एसपी कार्यालय में दमोह एसपी आनंद कलादगी (आईपीएस) के द्वारा फीडबैक फॉर्म के स्कैनर का शुभारंभ किया. इस अवसर पर एडिशनल एसपी सुजीत सिंह भदोरिया, सीएसपी एचआर पांडे, टीआई फेमिदा खान,अंजलि अग्निहोत्री, सूबेदार अभिनव साहू, साइबर सेल सौरभ टंडन मौजूद रहे.
उन्होंने बताया की शुरुआत में दमोह कोतवाली, देहात थाना, एसपी ऑफिस, जबलपुर नाका, सागर नाका चौकी में यह फीडबैक फॉर्म के स्कैनर लगवाए जा रहे हैं.
ताकि पब्लिक इनका इस्तेमाल कर पुलिस का फीडबैक उन तक पहुंचाएं.एसपी ने बताया कि फरियादी का फीडबैक हमारे पास नहीं पहुंचता. फरियादी को थाने में कैसे बैठाया.उनकी समस्या का निराकरण हुआ या नहीं.इसे देखते हुए हमने क्यू कोड शुरू किया है. उसमें हम गूगल फॉर्म दे रहे हैं जिसमें करीब आठ कलम रहेंगे. उसमें फरियादी अपना नाम डाल सकता है.वह यह बता सकता है क्यों थाने गया था, क्या कारण था. किस अधिकारी से मिला था अधिकारी का बर्ताव कैसा था. गूगल फॉर्म में यह जानकारी आसानी से हिंदी और इंग्लिश में भरी जा सकती है. थाने का फीडबैक भी दे सकते हैं कि थाने में कैसा अनुभव रहा और स्टार के हिसाब से रैंकिंग भी दे सकते हैं. एसपी ने बताया इसकी मॉनिटरिंग एसपी ऑफिस में मैं खुद करूंगा और साइबर सेल भी मॉनिटरिंग करेगी. यदि किसी फरियादी का फीडबैक आता है कि वह थाने की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है तो हम डायरेक्ट उस फरियादी से संपर्क कर उसकी समस्या पूछेंगे. ज्यादा फीडबैक आएगा तो थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण लिया जाएगा.फरियादियों की समस्या का निराकरण करने के लिए यह नई शुरुआत की शुरू की जा रही है. एसपी ने बताया कि स्मार्टफोन के जरिए इसे स्कैन कर सकते हैं उसके बाद गूगल फॉर्म ओपन हो जाएगा. इंदौर में पहले से फीडबैक फॉर्म हर थाने में भरवाए जाते हैं. जनता की तरफ से इसका काफी अच्छा रुझान मिला है. इसलिए इंदौर का नवाचार अब हम दमोह में शुरू करने जा रहे हैं. ताकि पुलिस कार्य प्रणाली फरियादियों के प्रति कैसी रहती है वह सीधी हमारे पास पहुंच सके और फरियादियों की समस्या का समाधान भी किया जा सके.
