गुना: वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश की कानून-व्यवस्था, मतदाता सूची में गड़बड़ी और एसआईआर प्रक्रिया पर सरकार को घेरा।
उन्होंने फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गणेशपुरा में किसान की निर्मम हत्या की निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वे और उनके पुत्र जयवर्धन सिंह आज 28 अक्टूबर को पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे और हर संभव सहयोग करेंगे।
इंदौर में ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम के साथ हुई घटना पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि खिलाड़ियों को पर्याप्त सुरक्षा क्यों नहीं दी गई, यह गंभीर प्रश्न है। भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह राज्य में कानून-व्यवस्था की लचर स्थिति को दर्शाता है और मुख्यमंत्री मोहन यादव इसे बनाए रखने में पूरी तरह विफल रहे हैं।
एसआईआर और मतदाता सूची को लेकर उन्होंने सवाल उठाया कि 2003 में बिहार में इसे लागू करने में दो वर्ष लगे थे, जबकि इस बार महज एक महीने में कैसे पूरा कर लिया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में 62 लाख वोट हटाए गए और 20 लाख नए जोड़े गए, जिनमें 5 लाख ऐसे हैं जिन्होंने आवेदन ही नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि नए एसआईआर मापदंडों में आधार कार्ड को मान्यता नहीं दी गई है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे शामिल करने का निर्देश दिया था।
इसे आपत्तिजनक बताते हुए उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।दिग्विजय ने बताया कि मध्यप्रदेश कांग्रेस इस मामले को लेकर सक्रिय है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने हर पोलिंग बूथ पर गलत तरीके से जोड़े गए नाम हटाने और छूटे हुए वास्तविक मतदाताओं को जोड़ने की पहल शुरू की है।
