इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को इंदौर में आयोजित सामाजिक समरसता सम्मेलन और दीपावली मिलन कार्यक्रम में कहा कि ऐसे आयोजन तभी सार्थक होते हैं, जब उनमें जनकल्याण की भावना निहित हो। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद विकास की भावना हर क्षेत्र में समान रही है चाहे सड़क निर्माण हो या महिलाओं के सशक्तिकरण की बात।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाड़ली बहना योजना केवल योजना नहीं, बल्कि माताओं-बहनों के आत्मसम्मान और आर्थिक स्वावलंबन का अभियान है। दिवाली के बाद 1500 देने का वादा पूरा किया गया है।
उन्होंने बताया कि किसानों के हित में भी सरकार समर्पित है, जो गेहूं कभी 400 प्रति क्विंटल बिकता था, आज वही 2600 में खरीदा जा रहा है। डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर, उज्जैन, देवास और आष्टा को मिलाकर एक समग्र मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, हमारी योजनाएँ केवल अमीरों के लिए नहीं, बल्कि गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन को संवारने के लिए हैं। उन्होंने अंगदान को सबसे बड़ा पुण्य बताते हुए कहा कि जब हमारा शरीर किसी और को जीवन दे जाए, तो वही सच्ची मानवता है।
अंत में उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति का उद्देश्य है,आखिरी व्यक्ति के घर तक सुख का सूरज पहुँचाना।
