सीहोर। वीआईटी कॉलेज में बीते दिनों घटित घटनाक्रम के बाद जांच करने लिए गए पानी के सैंपल की रिपोर्ट आ गई है. यूनिवर्सिटी कैंपस से पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम और बाद में पीएचई ने पानी के सैंपल लिए थे. इस तरह 18 सैंपल में से 14 की रिपोर्ट सही पाई गई है लेकिन 4 जगह से लिए सैंपल में कम मात्रा में वैक्टीरिया पाया गया है.
गौरतलब है कि वीआईटी कॉलेज के विद्यार्थी लगातार शिकायत करते आ रहे थे कि वहां पर दिया जाने वाला खराब क्वालिटी का भोजन और दूषित पानी से वह बीमार हो रहे हैं. इसके बाद कुछ छात्र-छात्राओं को पीलिया की शिकायत होने लगी थी तो वहीं कुछ वायरल फीवर से पीडि़त हो रहे थे. जिला प्रशासन ने एक्शन लेते हुए सीएमएचओ डॉ. सुधीर डेहरिया और अन्य डॉक्टरों की टीम को कॉलेज भेजा था. उस दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चों का चेकअप कर कॉलेज परिसर से 3 जगह से पानी के सैंपल लिए थे. इन सभी सैंपल को जांच के लिए भेजा था. घटनाक्रम के दूसरे दिन प्रशासन ने पीएचई की टीम को पानी के सैंपल लेने के लिए भेजा था. पीएचई की टीम ने 15 जगहों से पानी के सैंपल लिए थे. जिन चार जगहों से दोनों टीमों से पानी के सैंपल लिए थे और जहां पर जांच के बाद बैक्टीरिया पाया गया है उनमें बॉय हॉस्टल ब्लाक 1, मयूरी कैटर, बॉय हॉस्टल ब्लाक 1 आरपीएल और ब्याय हॉस्टल ब्लाक 1 का आरओ 1 और आरओ 2 हैं. इन चारों जगहों के पानी के सैंपल की जांच में बैक्टीरिया पाया गया है. पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री प्रदीप सक्सेना का कहना है कि हालांकि यह कम मात्रा में पाया गया है. बाकी 14 सैंपल की जांच रिपोर्ट सही पाई गई है.
इस मामले में एक्सपर्ट व्यू में डॉ. बीके चतुर्वेदी का कहना है कि यदि पानी में बैक्टीरिया पाए जाते हैं तो यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं.बैक्टीरिया युक्त पानी पीने से उल्टी दस्त की शिकायत होने लगती है. इसके अलावा बुखार भी हो सकता है.
मामले में एसडीएम नितिन टाले का कहना है कि पानी की सैंपल रिपोर्ट मेें 4 सैंपल में वैक्टीरिया पाए गए हैं. वीआईटी प्रबंधन को पत्र लिखकर निर्देशित किया गया है कि इनके निवारक उपाय किए जाएं. जब प्रबंधन उपाय पूरे कर लेगा तो फिर पानी के सैंपल की जांच कराई जाएगी.
मामले में वीआईटी कॉलेज के रजिस्ट्रार केके नायर का कहना है कि अभी हमें पानी के सैंपल की जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। यदि कहीं पर कोई कमी पाई जाती है तो एक्शन लिया जाएगा और कमी को दूर किया जाएगा.
सर्वाधिक आक्रोश ब्लॉक एक के छात्रों में दिखा था
मंगलवार की रात सुरक्षा कर्मियों ने जब छात्रों के साथ मारपीट की थी तो स्थिति बिगडऩे लगी थी और छात्रावासों में रह रहे छात्र आक्रोशित हो गए थे. देर रात गुस्साए छात्रों ने बसों समेत कई जगह आग लगा दी थी और तोडफ़ोड़ कर दी थी. इन छात्रों का कहना था कि जब उनसे भारी भरकम फीस और मेस का पैसा लिया जाता है तो फिर सुविधाएं क्यों नहीं दी जाती हैं. यहां का भोजन गुणवत्ता का नहीं है. पानी भी दूषित मिल रहा है जिससे छात्र बीमार हो रहे हैं. सबसे अधिक तोडफ़ोड़ बॉय हॉस्टल ब्लाक 1 में ही हुई थी जहां के पानी सैंपल में बैक्टीरिया पाया गया है.
