
ब्यावरा।वर्तमान में स्थानीय अजनार नदी में पानी का बहाव बना हुआ है किंतु नदी की दुर्दशा दूर नहीं हो पा रही है. इंदौर नाका घाट क्षेत्र में भारी अव्यवस्था देखी जा सकती है. घाट की दुर्दशा देख हर कोई अचंभित हो रहा है. ऐसे हालातो में श्रद्धालुजन कैसे दीपदान कर पाएंगे.
गौरतलब है कि शासन द्वारा नदी, तालाब, जल स्त्रोंतो की साफ-सफाई कर उनके संरक्षण का व्यापक स्तर पर अभियान चलाया गया परन्तु नगर की अजनार नदी की बदहाली फिर भी दूर नहीं हो सकी है. वर्तमान में इंदौर नाका स्थित नदी घाट कचरे, मलबे के ढेर से पटा हुआ है.
नदी में अवशेष जस के तस
नवरात्रि के समापन पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया किंतु आश्चर्यजनक बात यह है कि विसर्जन स्थल इंदौर नाका घाट पर डेम के यहां आज भी प्रतिमाओं के अवशेष वहीं देखे जा सकते है. इससे लोगों की भावनाएं आहत हो रही है, बावजूद इसके इतने गंभीर मामले पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
कैसे करेंगे दीपदान
धार्मिक परंपरानुसार दीपावली, भाईदूज के बाद से दीपदान का सिलसिला शुरु हो जाता है. श्रद्धालु व्रत रखते हुए प्रतिदिन दीपदान करने नदी पर पहुंचते है. आवंला नवमीं से तो कार्तिक पूर्णिमा तक दीपदान किया जाता है. नगर में इंदौर नाका घाट पर भी बड़ी संख्या में दीपदान होता है लेकिन घाट की दुर्दशा के कारण श्रद्धालुओं को कितनी परेशानी का सामना करना पड़ेगा इसका अंदाजा नदी घाट को देखकर लगाया जा सकता है.
