
सिवनी। लगभग 3 करोड़ के हवाला मामले में फंसी एसडीओपी पूजा पांडे की जमानत अर्जी जिला अदालत ने खारिज कर दी है। इस मामले में एसडीओपी सहित 11 पुलिसकर्मी जेल में हैं। अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सुनाया गया।
एसडीओपी पूजा पांडे के अधिवक्ता असीम त्रिवेदी ने अदालत में तर्क दिया कि एक ही घटना में कानून के विरुद्ध दो एफआईआर दर्ज की गई हैं, जो गलत और विरोधाभासी है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि अभियोजन पक्ष की बात मान भी ली जाए कि हवाला कारोबारी को 50 प्रतिशत राशि लेकर छोड़ा गया तो यह भ्रष्टाचार का मामला हो सकता है, डकैती का नहीं।
श्री त्रिवेदी ने पूरे मामले को संदिग्ध बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस को संदिग्ध वाहन ले जाने की सूचना मिली थी, ऐसे में सीआरपीसी के तहत पुलिस को कार्रवाई करने का अधिकार है। इसमें अनधिकृत रूप से रोकने का प्रश्न ही नहीं उठता।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि वास्तविक हवाला व्यापारी कौन था, पैसा किसका था, कहां जा रहा था और किस प्रयोजन से। उन्होंने आशंका जताई कि यह राशि आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न करने जा रही हो सकती है। उन्होंने नागपुर के सटोरियों से कुछ दिनों बाद अतिरिक्त राशि जब्त होने पर भी सवाल उठाया और पूछा कि यह राशि तत्काल जब्त क्यों नहीं की गई। यह भी बताया कि महिला अधिकारी का बच्चा बीमार है और पुलिस की प्रारंभिक जांच पूरी हो चुकी है।
शासन की ओर से अभियोजन विभाग के उपसंचालक ने जमानत अर्जी के खिलाफ तर्क प्रस्तुत किया था। कल सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। आज जिला कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब वकील हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल कर सकते हैं।
