इंदौर:नासिक निवासी निर्मला वासुदेव धांडे का इंदौर में नेत्र एवं देहदान संपन्न हुआ. वे अपनी बेटी और दामाद जीटी नारखेड़े के यहां इंदौर आई हुई थीं. पुत्र अनिरुद्ध, किरण एवं धांडे परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए दुःख की घड़ी में भी समाज के लिए परोपकार का संदेश दिया.एमजीएम मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार पर दिवंगत को अंतिम विदाई दी गई.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के अनुसार, मध्य प्रदेश शासन की ओर से पुलिस ने देहदान के समय गार्ड ऑफ ऑनर देकर दिवंगत को श्रद्धांजलि दी. इस अवसर पर कॉलेज के एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. जुल्का ने परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया, वहीं डीन डॉ. अरविंद घनघेरिया ने परिवार को सम्मान पत्र भेंट कर शासन की ओर से शोक संवेदनाएं प्रकट कीं. देहदान और नेत्रदान की प्रक्रिया का समन्वय मुस्कान ग्रुप के सेवादार संदीपन आर्य, डॉ. अमय नारखेड़े एवं डॉ. राहुल माथुर द्वारा किया गया. नेत्रदान एमवाय आई बैंक की टीम डॉ. स्फूर्ति और डॉ. प्रांजल ने पूरा किया. जबकि, देहदान में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ. राजेंद्र मार्को की तकनीकी टीम ने सहयोग किया.
गार्ड ऑफ ऑनर से देहदान को लेकर नई प्रेरणा और उत्साह का माहौल
श्रीमती धांडे का नेत्रदान दो दृष्टिहीन व्यक्तियों को नई रोशनी देगा. वहीं, उनका शरीर एमजीएम मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए मानव शरीर रचना एनाटॉमी अध्ययन का अमूल्य साधन बनेगा. शासन द्वारा देहदानियों को दिए जा रहे गार्ड ऑफ ऑनर सम्मान ने प्रदेश में देहदान को लेकर नई प्रेरणा और उत्साह का वातावरण बनाया है.
