जबलपुर: हाईकोर्ट के जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने सेवानिवृत्त कर्मी से वसूली गई राशि छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से 30 दिन के भीतर लौटाने का राहतकारी आदेश पारित किया है। एकलपीठ ने कहा है कि आवेदक के अभ्यावेदन पर अनावेदक उचित निर्णय ले। याचिकाकर्ता बालाघाट निवासी राकेश जुझार की ओर से अधिवक्ता प्रवीण कुमार सेन ने पक्ष रखा।
जिन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता सहायक विकास विस्तार अधिकारी के पद पर कार्यरत था। 30 जून 2022 को सेवानिवृत्त हो गया। जिसके बाद याचिकाकर्ता के सेवानिवृत्ति देय राशि से कुछ वसूली की गई है, जो कि रफीक मसीह सहित अन्य न्यायदृष्टांतों के प्रकाश में अनुचित है। याचिकाकर्ता एक नया अभ्यावेदन देने को तैयार है और ऐसी स्थिति में शीघ्र निर्णय लेने का निर्देश दिया जाए।
वहीं राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि अभ्यावेदन पर विधि के अनुसार विचार किया जाएगा। हाईकोर्ट ने उक्त तर्क सुनने के बाद याचिका का इस निर्देश के साथ निराकरण कर दिया कि यदि याचिकाकर्ता आज से 15 दिनों की अवधि के भीतर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बालाघाट के समक्ष नया अभ्यावेदन प्रस्तुत करता है, तो उस पर गंभीरता से विचार किया जाए।
