इंदौर: आज प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी घोषित कर दी गई. इसमें इंदौर से दो नेताओं को जगह मिली है. दोनों में से एक को उपाध्यक्ष और दूसरे को महामंत्री बनाया गया है. खास बात यह है कि दोनों ही आरएसएस के कोटे से हैं. प्रदेश कार्यकारिणी में इंदौर में कई नेताओ के अरमानों पर पानी भी फिर गया है.भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने आज प्रदेश कार्यकारिणी घोषित कर दी. खंडेलवाल ने अध्यक्ष बनने के तीन माह में अपनी टीम घोषित की.
खंडेलवाल ने 9 उपाध्यक्ष, 4 महामंत्री , 9 मंत्री, 1 कोषाध्यक्ष , 1 कार्यालय मंत्री और 1 मीडिया प्रभारी सहित 25 सदस्यीय टीम बनाई है. इंदौर से प्रदेश कार्यकारिणी में सिर्फ दो नेताओं को जगह दी गई है. डॉ. निशांत खरे को महापौर का टिकट कटने के चलते उपाध्यक्ष पद सौंपा गया है. पूर्व नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे को दुबारा अध्यक्ष पद नहीं देने का पुरस्कार मिला है.
यह बात अलग है कि रणदिवे आईडीए अध्यक्ष पद की दौड़ से बाहर हो गए, मगर प्रदेश में चार में से एक महामंत्री बनाने से उनका राजनीतिक कद बढ़ गया है. अब वे प्रदेश के नेता हो गए और भविष्य में विधानसभा चुनाव के उम्मीदवार भी बन सकते हैं.डॉ. निशांत खरे शुद्ध रूप से संघ का नाम है. लंबे समय से आरएसएस के विभिन्न कार्यों में जुटे हुए है. शिवराज सिंह चौहान सरकार में इंदौर में सरकारी पोस्टिंग में उनकी खूब चली है. मोहन सरकार में उनके उपकृत करने के लिए किसी मंडल में बैठने को लेकर चर्चा थी, लेकिन उनको भी प्रदेश कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष बनाकर वजन बढ़ाने की रणनीति में सफलता पाई है.
पहली बार इंदौर को कम प्रतिनिधित्व
भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी में इंदौर के कई पूर्व विधायक, वरिष्ठ नेताओं के मंसूबे पर पानी फिर गया है. प्रदेश कार्यकारिणी में इंदौर को पहली बार इतना कम प्रतिनिधित्व मिला है. साथ ही कांग्रेस से भाजपा में आए नेताओं को भी स्थान नहीं मिला है. माना जा रहा है कि बिहार चुनाव और कार्यकारिणी के बाद जल्द ही प्रदेश सरकार में मंत्रिमंडल में फेरबदल और निगम मंडलों में नियुक्ति भी होगी
