छतरपुर। मातगुवां थाना क्षेत्र के ग्राम परा में 18 अक्टूबर को भैंस चोरी और मारपीट की घटना के बाद ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने मामले में लापरवाही बरती और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की।
ग्राम परा निवासी अरविन्द यादव ने बताया कि उनके दादा तुलसीदास यादव खेत में नौ भैंसें चरवा रहे थे, तभी ग्राम रसुईया ठाकुरन निवासी तेज सिंह परमार और उनके बेटे प्रिंस परमार भैंसों को हांकने लगे। अरविन्द ने रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने लात-घूंसे और पत्थरों से हमला कर दिया। इस दौरान अरविन्द का सोने का लोकेट भी छीना गया। शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे और किसी तरह अरविन्द को बचाया।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस ने केवल मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया, जबकि भैंस चोरी और लोकेट छीने जाने की धाराओं को शामिल नहीं किया गया। इसके अलावा, आरोपी परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, जिससे यादव परिवार अब गांव से बाहर रहने को मजबूर है।
ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। मातगुवां थाना प्रभारी अंकुर चौबे ने बताया कि घटना के समय यादव परिवार ने केवल मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी। परमार पक्ष की शिकायत पर भी दो लोगों के खिलाफ मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
यह घटना ग्रामीणों में सुरक्षा की चिंता बढ़ा रही है और क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
