छिंदवाड़ा:नाबालिग नातिन के साथ दुष्कर्म करने वाले सनसनीखेज प्रकरण में विचारण के बाद अपर सत्र न्यायालय ने दुष्कर्मी नाना को शेष प्राकृत जीवन पर्यन्त आजीवन कारावास एवं 22000 रू. के अर्थदण्ड से दंडित किया. 20 नवंबर 2022 को डायल 100 में इवेंट प्राप्त हुआ कि 14 वर्षीय नाबालिग बालिका ने बच्चे को जन्म दिया है. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ातल में जुट गई. जांच में यह सामने आया कि नाबालिग और उसकी जुड़वा बहन को उसके माता पिता ने मक्का तुडाई के लिए नाना नानी के घर छोड़ दिया था तब एक दिन रात्रि में जब वह अपनी नानी व बहन के साथ सो रही थी तब नाना उसे अपनी गोदी में उठाकर दूसरे कमरे में ले गये और मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसके साथ जबरदस्ती गलत काम किया और कहा कि यह बात किसी को बताई तो मारकर आम के पेड पर लटका ढुंगा।
इसी प्रकार 4-5 बार उसके नाना रात्रि में दूसरे कमरे में ले जाकर उसके साथ गलत काम करते थे। एक माह बाद उसके नाना उन दोनों बहनों को उनके गांव छोडने आये जब पीडिता के माता पिता काम करने बाहर गये थे तब भी आरोपी नाना ने पीडिता के साथ चार-पांच बार गलत काम किया। इसी प्रकार जब वह अपनी मौसी के गांव गई हुई थी वहां भी उसके नाना आये हुये थे वहां भी उसके नाना ने उसके साथ गलत काम किये जिससे वह गर्भवती हो गई।
एक दिन रात्रि में पेट दर्द हुआ और उसे सुबह-सुबह डिलीवरी हो गई। उक्त मामले में थाना रावनवाड़ पुलिस ने आरोपी नाना फागलाल उइके उम्र 58 वर्ष को गिरफ्तार कर प्रकरण को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया जहां अपर सत्र न्यायाधीश गौतम कुमार गुजरे परासिया ने आरोपी फागलाल उइके को धारा 506 भादवि में 02 वर्ष का कठोर कारावास व 2000 रू अर्थदंड एवं धारा 5 (एल) (एन) (जे) (11)/6 पॉक्सो एक्ट में शेष प्राकृत जीवन पर्यन्त आजीवन कारावास एवं 20000/-रू. अर्थदण्ड से दंडित किया । उक्त प्रकरण में शासकीय अधिवक्ता श्रीमती निर्जला मर्सकोले और थाना रावनवाड़ा के उनि मुकेश डोंगरे ने विवेचना की थी.
