जबलपुर: जबलपुर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था इन दिनों सवालों के घेरे में है। जहां मुख्य स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्र एक और छह के मैन गेट पर सुरक्षा कर्मियों की गैर मौजूदगी आसामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद कर रही है। वहीं यात्रियों को अपनी सुरक्षा को लेकर भी मन में खौफ पैदा होने लगा है। एक ओर जहां रेलवे सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए प्रयास कर रहा है वही मुख्य रेलवे स्टेशन के वीआईपी से लेकर साधारण द्वार में पूर्व में बिठाए गए सुरक्षाकर्मी अब गायब हो चुके हैं।
बता दे कि हाल के दिनों में रेलवे परिसरों और ट्रेनों से जुड़ी कुछ घटनाओं के बाद रेल मंत्रालय पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान सतर्क और जागरूक रहें तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर दें। लेकिन इस चेतावनी का असर जबलपुर रेलवे स्टेशन में देखने को नहीं मिल रहा है।
हो सकती है बड़ी घटना
जबलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक एक और छह के मुख्य द्वार खुले होने के कारण किसी भी संभावित घटना घटने से इनकार नहीं किया जा सकता है। हालात ऐसे हैं कि असामाजिक तत्वों के लिए स्टेशन परिसर में घुसना और वारदात को अंजाम देकर आसानी से निकल जाना बेहद सरल है। बढ़ती भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था का इस तरह ढीला पड़ना यात्रियों में अविश्वास पैदा कर रहा है। रेलवे स्टेशन के कई गेट ऐसे हैं जहां किसी तरह की सुरक्षा बंदोबस्त नहीं हैं। इन द्वार पर न तो जीआरपी का पहरा दिखाई देता है और न ही आरपीएफ की गश्त होती है।
पार्किंग शुल्क से बचने सड़कों पर जमे वाहन
मुख्य स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्र 6 में बनाई गई पार्किंग व्यवस्था से बचने के लिए चार पहिया वाहनों के मालिक उच्च न्यायालय के सामने तक वाहनों की पार्किंग कर रहे है। बता दे कि रेलवे स्टेशन पर पार्किंग शुल्क बचाने के चक्कर में बाहर सड़क पर वाहन खड़े करना नो-पार्किंग नियमों का खुला उल्लंघन है। इससे स्टेशन के मुख्य मार्ग पर जाम लग रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे मामलों में यातायात पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल को भारी जुर्माना काटने और वाहन टो करके ले जाने की सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
ऑटो वालों के लिए कोई नियम नहीं
गुरुवार को मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्र 6 के बाहर देखा गया कि वाहनों के लिए बनाई गई पार्किंग व्यवस्था को छोड़कर तीन पहिया ऑटो और ई रिक्शे पूरे परिसर में बिखरे हुए थे। ये ऑटो चालक प्लेटफॉर्म परिसर और रेलवे कार्यालय के सामने अपने वाहन मनमर्जी से खड़े कर दिनभर मौज करते हैं वही स्टेशन पर सीढिय़ों से उतरने वाले यात्रियों को अंदर घेर रहे हैं। मेट्रो बसों और ऑटो चालकों की यहा आपसी सांठगांठ के चलते सार्वजनिक जगह पर रोज अवैध पार्किंग के नाम पर कब्जा कर लिया जाता है
