इंदौर:दीपावली की रात शहर में सिर्फ पटाखों की धमकियों तक सीमित नहीं रही. अलग-अलग इलाकों में करीब 18 स्थानों पर आगजनी की घटनाएं हुईं, जिनमें सबसे बड़ा नुकसान सांवेर रोड की गत्ता फैक्ट्री, विदुर नगर की ऑयल फैक्ट्री और लकड़ी मंडी में हुआ. दमकल विभाग की टीमों ने पूरी रात आग पर काबू पाने के लिए संघर्ष किया और सोमवार देर रात से लेकर मंगलवार अलसुबह तक लगातार कॉल मिलते रहे. सुबह एयरपोर्ट क्षेत्र की रूकमणि कॉलोनी में भी आग लगने की सूचना के बाद गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और स्थिति नियंत्रण में लाई गई.
फायर ब्रिगेड के कंट्रोल रुम से मिली जानकारी के अनुसार, रात 8:45 बजे सांवेर रोड ए सेक्टर की गत्ते की फैक्ट्री में आग लगी. आग इतनी भीषण थी कि बुझाने में 105 टैंकर पानी खर्च हुए. इसके कुछ घंटे बाद रात करीब 1 बजे विदुर नगर की ऑयल फैक्ट्री में भी आग भड़क उठी. दमकल ने करीब 1 लाख लीटर पानी की मदद से लपटों पर काबू पाया. दोनों फैक्ट्रियों में आग लगने के कारण और नुकसान का आकलन अभी जारी है. शहर के अन्य इलाकों में भी आगजनी की घटनाएं हुईं. चितावद रोड में एक पेड़ में आग लगी, जबकि उद्योग नगर के रिलायंस पेट्रोल पंप के पीछे कचरे में आग भड़क गई.
बाणगंगा थाना क्षेत्र के कुशवाह नगर के एक एक मकान में गृहस्थी का सामान जलकर खाक हो गया. नवलखा एबी रोड में स्काई बिल्डिंग के पास पेड़ और एक मकान में आग लगी. परदेशीपुरा थाना क्षेत्र के सुभाष नगर के सरकारी स्कूल में निगम का सामान जल गया. नंदलालपुरा सब्जी मंडी में पटाखों की चिंगारी से एक गुमटी में आग लगी. संयोगितागंज में एक दुकान और माणिक बाग में निर्माणाधीन बिल्डिंग के पास पार्किंग में आग लगी, जिसमें एक कार खाक हो गई. कुम्हार खाड़ी में दो दोपहिया वाहन जलकर नष्ट हो गए, जबकि लकड़ी मंडी में देर रात पीठे में आग लगी. रूकमणि नगर में अलसुबह आग लगी, लेकिन दमकल समय पर पहुंच गई. फायर ब्रिगेड अधिकारियों का कहना है कि दीपावली पर पटाखों और लापरवाही के कारण आगजनी की घटनाएं बढ़ जाती हैं. सभी स्थानों पर नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आग लगने की जांच जारी है
