पेंशन अकाउंट कर रहे खाली
इंदौर: शहर में रिटायर्ड सरकारी अधिकारियों को साइबर ठगों ने निशाना बनाना शुरू कर दिया है. ठग वॉट्सऐप मैसेज, फोन कॉल और एसएमएस के जरिए अधिकारियों को झांसे में ले रहे हैं. वे खुद को कोषालय का अधिकारी बताकर पेंशन रिकॉर्ड में गलती होने की बात कहते हैं और ओटीपी प्राप्त कर बैंक खाते साफ कर देते हैं.जानकारी के अनुसार शहर में अब तक एक दर्जन से अधिक रिटायर्ड अधिकारी इस तरह ठगी का शिकार हो चुके हैं. ठगों ने पेंशन रुकने का डर दिखाकर उनके बैंक अकाउंट से लाखों रुपए उड़ा लिए.
शहर में कई रिटायर्ड अधिकारी डिजिटल अरेस्ट का भी शिकार हो चुके हैं. यह एक नई साइबर ठगी तकनीक है, जिसमें जालसाज मोबाइल या लैपटॉप को हैक कर देते हैं और फिर ब्लैकमेल कर फिरौती वसूलते हैं. शहर में बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर सेल ने एक एडवाइजरी जारी की है. इसमें लोगों को ऐसे किसी भी कॉल, मैसेज या लिंक पर क्लिक न करने और किसी को भी ओटीपी शेयर न करने की सलाह दी गई है. पुलिस ने कुछ मामलों में ठगों के बैंक अकाउंट को ब्लॉक कर पीड़ितों की रकम बचाने में सफलता पाई है. लेकिन कई मामलों में ठगों तक पहुंच पाना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि वे अंतरराज्यीय गैंग से जुड़े हो सकते हैं.
रिटायर्ड अधिकारियों के लिए अलर्ट
साइबर सेल ने वरिष्ठ नागरिकों और रिटायर्ड अधिकारियों को सतर्क रहने की हिदायत दी है और किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की है.
