सियासत
मध्य प्रदेश के आदिवासी नेता झाबुआ से कांग्रेस विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया को ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है. विक्रांत भूरिया अब शिवाजीराव मोघे की जगह लेंगे. भूरिया पूर्व केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के बेटे हैं. गौरतलब है कि भूरिया ने पिछले साल अप्रैल में मप्र युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद मितेन्द्र दर्शन सिंह यादव को युवा कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था. विक्रांत भूरिया प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ने के बाद युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की रेस में शामिल थे. लेकिन, सितंबर में जम्मू-कश्मीर के रहने वाले उदय भानु चिब को युवा कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया था.
दरअसल, युवा कांग्रेस अध्यक्ष बनने की दावेदारी करते समय राहुल गांधी ने विक्रांत भूरिया का इंटरव्यू लिया था. तभी यह स्पष्ट हो गया था कि विक्रांत को बड़ी जवाबदारी मिलेगी. जाहिर है विक्रांत का वो इंटरव्यू जाया नहीं गया. बहरहाल,मध्य प्रदेश कांग्रेस में आदिवासी वर्ग के नेताओं का कद लगातार बढ़ रहा है. डिंडोरी से विधायक और पूर्व मंत्री ओमकार सिंह मरकाम कांग्रेस की सीईसी (सेंट्रल वर्किंग कमेटी) के सदस्य बनाए गए थे. उमंग सिंघार को नेता प्रतिपक्ष बनाया गया था. अब विक्रांत भूरिया को आदिवासी कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है. जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश की 230 में से 47 विधानसभा सीटें आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित हैं. इनमें से 24 सीटों पर बीजेपी और 22 सीटों पर कांग्रेस के विधायक हैं. एक सीट पर भारत आदिवासी पार्टी के कब्जे में हैं. आदिवासी वर्ग कांग्रेस का परंपरागत वोटर माना जाता है. कांग्रेस आदिवासी वर्ग को वापस जोड़े रखने के लिए युवा नेताओं को आगे बढ़ा रही है. मप्र में 22 फीसदी आदिवासी आबादी है
