नई दिल्ली | इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और ऊंचे स्कोर के लिए मशहूर है, लेकिन इसके इतिहास में कुछ ऐसे लम्हे भी आए हैं जब टीमें रनों के लिए तरसती दिखीं। आईपीएल इतिहास (2008-2025) में पावरप्ले (पहले 6 ओवर) में सबसे कम स्कोर बनाने का अनचाहा रिकॉर्ड राजस्थान रॉयल्स (RR) के नाम दर्ज है। साल 2009 में दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में खेले गए एक मुकाबले में, राजस्थान की टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के घातक गेंदबाजों के सामने पूरी तरह पस्त नजर आई थी। उस मैच में राजस्थान ने पहले 6 ओवरों में 2 विकेट खोकर केवल 14 रन बनाए थे, जो आज भी लीग का सबसे धीमा पावरप्ले स्कोर बना हुआ है।
सिर्फ राजस्थान ही नहीं, बल्कि सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का नाम भी इस शर्मनाक सूची में शामिल है। साल 2022 में पुणे के मैदान पर हैदराबाद की टीम राजस्थान के खिलाफ पावरप्ले में महज 14/3 का स्कोर ही खड़ा कर पाई थी। वहीं, महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स इस सूची में तीन बार जगह बना चुकी है। साल 2011 में कोलकाता के खिलाफ 15 रन, 2015 में दिल्ली के खिलाफ 16 रन और 2019 में आरसीबी के खिलाफ चेपॉक की टर्निंग पिच पर चेन्नई की टीम शुरुआती 6 ओवरों में केवल 16 रन ही जोड़ सकी थी।
पावरप्ले में इन कम स्कोरों के पीछे गेंदबाजों का अनुशासन और पिच की चुनौतीपूर्ण स्थिति प्रमुख कारण रही है। जहां 2009 में केप टाउन की परिस्थितियों ने बल्लेबाजों को बांधे रखा, वहीं 2022 में ट्रेंट बोल्ट और प्रसिद्ध कृष्णा की स्विंग गेंदबाजी ने हैदराबाद के शीर्ष क्रम को तहस-नहस कर दिया था। रायपुर और चेन्नई की धीमी पिचों पर जहीर खान जैसे अनुभवी गेंदबाजों ने बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का कोई मौका नहीं दिया। यह आंकड़े साबित करते हैं कि भले ही आधुनिक क्रिकेट में पावरप्ले को रनों का अंबार लगाने का सुनहरा मौका माना जाता है, लेकिन सटीक गेंदबाजी और कठिन परिस्थितियां किसी भी दिग्गज बल्लेबाजी क्रम की गति पर ब्रेक लगा सकती हैं।

