
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2025: त्योहारों का मौसम आते ही एयरलाइंस कंपनियों की मनमानी के कारण यात्रियों की जेब पर भारी बोझ पड़ रहा है। जो लोग घर से दूर रहते हैं, उन्हें दीपावली पर अपनों के साथ त्योहार मनाने के लिए मजबूरन महंगी टिकटें खरीदनी पड़ रही हैं। नागर विमानन मंत्री ने विमान कंपनियों को त्योहारों के दौरान किराया उचित रखने और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने की सलाह दी थी, लेकिन हवाई कंपनियों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। आने और वापस जाने दोनों के लिए किराये में अनाप-शनाप वृद्धि कर एयरलाइंस यात्रियों को लगातार झटका दे रही हैं।
यात्रियों की शिकायतें बढ़ने पर एयरलाइंस कंपनियां इसे मात्र ‘सीजनल डिमांड’ का नाम देकर अपनी मनमानी को सही ठहरा रही हैं। विभिन्न एयरलाइंस का ऑनलाइन किराया अलग-अलग दिखाया जा रहा है, जो लोड बढ़ने पर सीधे बढ़ा दिया जाता है। इस समय कुछ रूटों पर किराया 10,000 रुपये से लेकर 21,000 रुपये तक चल रहा है। सबसे ज्यादा किराया नागपुर से मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और पुणे जैसे प्रमुख शहरों के लिए चल रहा है। एयरलाइंस कंपनियां दीपावली के बहाने बेस रेट से तीन से चार गुना तक अधिक किराया वसूल रही हैं।
दीपावली त्योहार के दूसरे या तीसरे दिन, आईटी कंपनियों में कार्यरत युवा यात्री पुणे, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों के लिए वापस जाते हैं। इस मांग को देखते हुए एयरलाइंस कंपनियों ने 23 से 27 तारीख तक का किराया 14,781 रुपये से लेकर 21,451 रुपये तक कर दिया है। नागपुर से मुंबई जैसे रूटों पर यह बढ़ोतरी साफ दिखाई दे रही है। किराया बढ़ोतरी का यह सीधा असर उन यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है, जो मजबूरी में त्योहार के तुरंत बाद अपने कार्यस्थल पर लौटने को विवश हैं।
