नई दिल्ली/जगदलपुर, 17 अक्टूबर 2025: छत्तीसगढ़ में माओवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को एक ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। आज (शुक्रवार) जगदलपुर में कुल 190 माओवादियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष आत्मसमर्पण करके मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। यह राज्य में अब तक के सबसे बड़े आत्मसमर्पणों में से एक है, जो बस्तर में शांति की उम्मीदों को मजबूत करता है। इनमें अबूझमाड़ के माड़ डिवीजन के 140 माओवादियों का एक बड़ा समूह शामिल था, जिन्हें भारी सुरक्षा के बीच जगदलपुर लाया गया।
बड़े कैडर और घातक हथियार भी सौंपे
समर्पण करने वाले माओवादियों में कई बड़े कैडर शामिल हैं, जिनमें दो जोनल कमेटी सदस्य, 15 डिवीजनल कमेटी सदस्य और 121 एरिया कमेटी व जनमिलिशिया कैडर शामिल हैं। इस समर्पण के दौरान उन्होंने अपने हथियार भी सौंप दिए, जिनमें एके-47 समेत कुल 71 घातक हथियारों का एक जखीरा शामिल है। यह सफलता सरकार की आत्मसमर्पण की नीतियों और सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव का सीधा परिणाम माना जा रहा है।
माओवाद के खिलाफ बड़ी सफलता
छत्तीसगढ़ में जनवरी 2024 में भाजपा सरकार बनने के बाद से अब तक माओवाद के खिलाफ बड़ी सफलताएं मिली हैं। आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक कुल 2100 से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, 1785 को गिरफ्तार किया गया है और 477 को मुठभेड़ों में मारा गया है। हाल ही में अबूझमाड़ में बसव राजू सहित 89 माओवादियों का मारा जाना और इतनी बड़ी संख्या में माओवादियों का आत्मसमर्पण करना राज्य में दशकों से चली आ रही हिंसा को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

