
जबलपुर। अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक सक्सेना की अदालत ने तितिक्षा तिवारी आत्महत्या मामले में उनके पति व उसके दो रिश्ते के भाईयों को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी पति नितिन शुक्ला दस साल के कारावास व दो लाख से अधिक के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं सह आरोपी अनूप तिवारी व अतुल तिवारी को एक-एक साल की सजा व एक-एक हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
प्रकरण के अनुसार 6 फरवरी 2013 को मृतका तितिक्षा तिवारी की शादी शारदा नगर करमेता निवासी नितिन शुक्ला के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी से पहले ही उसके ससुराल वालों ने आठ लाख रुपये नगद व अन्य सामग्री दहेज में दिये जाने की मांग की थी। जब पीड़ित परिवार ने असमर्थता व्यक्त की तो चार लाख रुपये नकद व ढाई लाख रुपये की गृहस्थी की सामग्री लेते हुए विवाह संपन्न हुआ।
कांचीपुरम में की थी आत्महत्या-
पीड़ित परिवार की ओर से अधिवक्ता नरेन्द्र जैन ने पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि शादी के कुछ दिनों बाद ही तितिक्षा अपने पति नितिन शुक्ला के साथ तमिलनाडु में नौकरी होने के कारण कांचीपुरम में रहने लगी। इसी दौरान आरोपी पति नितिन शुक्ला, उसकी मां कल्पना शुक्ला एवं ममेरे भाई अनूप तिवारी और अतुल तिवारी रुपयों की मांग को लेकर मृतका तितिक्षा तिवारी को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। तितिक्षा ने अपनी आपबीती अपने मायके पक्ष के परिजनों को बताई थी। आये दिन की प्रताड़ना से तंग आकर तितिक्षा ने 18 सितंबर 2013 को तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित अपने निवास स्थान पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसका सुसाइड नोट भी पुलिस ने जांच दौरान बरामद किया था।
