जमीन के अंदर और बाहर चल रही एलिवेटेड ब्रिज की पड़ताल

उज्जैन: सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत शहर की सबसे महत्वाकांक्षी एलिवेटेड ब्रिज योजना अब जमीन पर उतरने लगी है. निर्माण एजेंसी ने एक ओर जमीन के अंदर फाउंडेशन की मजबूती परखने के लिए बोरिंग कर मिट्टी की जांच शुरू कर दी है, वहीं दूसरी ओर जमीन के बाहर यह सर्वे किया जा रहा है कि निर्माण के लिए किन-किन हिस्सों को क्लियर करना होगा. अगले 10 दिनों में परियोजना की अंतिम डिजाइन फाइनल होने के बाद एलिवेटेड ब्रिज के निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत कर दी जाएगी.
नवभारत से चर्चा में सिंहस्थ विंग के कार्यपालन यंत्री अवनेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल आगर रोड स्थित मकोड़िया आम से चामुंडा चौराहे तक फाउंडेशन बोरिंग का काम तेजी से चल रहा है. इंजीनियर मिट्टी की क्षमता और फाउंडेशन की स्थिति का परीक्षण कर रहे हैं, ताकि एलिवेटेड ब्रिज की संरचना पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत बनाई जा सके. साथ ही सड़क के दोनों ओर उन स्थानों का भी सर्वे किया जा रहा है, जहां निर्माण के लिए जगह खाली करानी होगी.

दिसंबर 2027 तक प्रोजेक्ट पूरा
योजना के तहत शहर में दो एलिवेटेड फ्लाईओवर बनाए जाएंगे, जिन्हें दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है ताकि सिंहस्थ-2028 से पहले इन्हें यातायात के लिए चालू किया जा सके. इनमें एक फ्लाईओवर फोरलेन और दूसरा टू-लेन होगा. दोनों की ऊंचाई मौजूदा सड़क से औसतन 8 मीटर से अधिक रहेगी.

पहले एलिवेटेड यहां बनेगा
पहला एलिवेटेड कॉरिडोर चिमनगंज मंडी (इंदिरानगर) चौराहे से इंदौर गेट होते हुए हरिफाटक ब्रिज तक बनाया जाएगा. इसकी लंबाई करीब 3.53 किलोमीटर होगी और यह फोरलेन रहेगा. इसके नीचे सर्विस रोड भी विकसित की जाएगी, ताकि स्थानीय यातायात प्रभावित न हो.

दूसरा ब्रिज यहां बनेगा
दूसरा एलिवेटेड ब्रिज इंदौर गेट से निकास चौराहे तक करीब 1.732 किलोमीटर लंबा होगा. यह टू-लेन कॉरिडोर रहेगा, जो पुराने शहर के घने बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के ऊपर से गुजरेगा. इसके नीचे भी सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा.

4 16 करोड़ का काम 300 में
करीब 416 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए शासन से सक्षम स्वीकृति मिल चुकी है. पीडब्ल्यूडी सिंहस्थ विंग द्वारा जारी टेंडर में रवि इंफ्रा सबसे कम बोलीदाता के रूप में सामने आई है. कंपनी ने करीब 300 करोड़ रुपये में निर्माण कार्य पूरा करने की पेशकश की है. तकनीकी और वित्तीय परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कंपनी को वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा.

ट्रैफिक जाम से मिलेगी नहीं
एलिवेटेड कॉरिडोर बनने के बाद इंदिरानगर, चिमनगंज मंडी, इंदौर गेट, देवासगेट, चामुंडा, चरक अस्पताल, कोयला फाटक, गाड़ी अड्डा, नई सड़क, दौलतगंज और निकास क्षेत्र सहित 15 से अधिक प्रमुख चौराहों पर यातायात का दबाव कम होगा. पुराने शहर में लगने वाले रोजाना के जाम से राहत मिलेगी, यात्रा का समय घटेगा, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है

Next Post

रोहित शर्मा के संन्यास की खबरों पर BCCI का बड़ा बयान, सचिव देवजीत सैकिया ने अफवाहों को किया खारिज

Sat Jul 18 , 2026
रोहित शर्मा के वनडे से संन्यास की खबरों पर बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने लॉर्ड्स मैच को आखिरी मानने वाली अफवाहों को पूरी तरह खारिज किया। रोहित शर्मा के वनडे क्रिकेट से संभावित संन्यास की खबरों के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव […]

You May Like