इंदौर: नगर निगम स्मार्ट सिटी बोर्ड ने कुक्कुट पालन केंद्र की जमीन के एवज में दी बैंक गारंटी की राशि जप्त कर ली है. कंपनी ने राशि छुड़ाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन हाईकोर्ट ने स्टे देने से मना कर दिया. कोर्ट ने अंतरिम आदेश तक नगर निगम को उक्त राशि अलग खाते में ब्याज सहित रखने का कहा है.
दरअसल, स्मार्ट सिटी से तीर्थ गोपीकॉन कंपनी ने द्रविड़ नगर के कुक्कुट पालन केंद्र की 5.5 हैक्टेयर जमीन टेंडर के जरिए 454 करोड़ रुपए में खरीदने का सौदा किया था.
उक्त सौदे में कंपनी ने 9.5 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी दी थी. साथ ही कंपनी को एक माह में पहली किश्त अदा करने की शर्त थी. तीर्थ गोपीकॉन के संचालक महेश कुंभानी ने 188 करोड़ की राशि से जल जीवन मिशन में 950 करोड़ रुपए के ठेके हथिया लिए थे. लेकिन, सीबीआई छापे के बाद खुलासा हुआ कि कंपनी की नेटवर्थ और प्रॉफिट दोनों फर्जी हैं. इसके बाद स्मार्ट सिटी बोर्ड ने सीबीआई छापे और रिपोर्ट के आधार पर कंपनी की बैंक गारंटी जब्त कर ली.
कंपनी द्वारा तय समय में एक माह में 454 करोड़ की पहली किश्त भी जमा नहीं की. फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर ठेके लेने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई. इस पर कंपनी संचालक महेश कुम्भानी ने जिला कोर्ट में खुद की जमानत की याचिका लगाई थी, जो खारिज हो गई. साथ ही कंपनी ने स्मार्ट सिटी बोर्ड पर गलत तरीके से टेंडर और सौदा निरस्त करने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. हाईकोर्ट ने उक्त मामले में अंतरिम आदेश देकर नगर निगम स्मार्ट सिटी को जप्त राशि का अलग से खाता मेंटेन करने के लिए कहा है, लेकिन कंपनी को राहत देने से मना कर दिया.
तीर्थ गोपीकॉन पर उज्जैन में भी प्रकरण दर्ज
तीर्थ गोपीकॉन कंपनी का इंदौर में पगनीस पागा स्थित मेट्रो बिल्डिंग में 204 नंबर के फ्लैट में ऑफिस है. उक्त कंपनी के खिलाफ उज्जैन नगर निगम आयुक्त ने भी फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर ठेके लेने के मामले में धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है.
