जबलपुर: कैंट बोर्ड क्षेत्र अंतर्गत करौंदी बस्ती में रहने वाले करीब आधा दर्जन परिवारों को सैन्य प्रशासन और सेंट्रल आर्डिनेंस डिपो (सीओडी) प्रबंधन ने संयुक्त रूप से 5 ए का नोटिस थमाया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि करौंदी क्षेत्र में स्थित मकान अवैध है और इन्हें 7 दिनों में जल्द हटाया जाए।नोटिस मिलने के बाद करौंदी बस्ती में रहने वाले परिवारों में दहशत व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार करौंदी में रहने वाले लोगों ने आर्मी स्टेशल सेल कमांडर से मुलाकात कर उनके मकान नहीं हटाने की गुहार जरूर लगाई है जिस पर कमांडर द्वारा कहा गया है कि रक्षा मंत्रालय को मामले जमीन की रिपोर्ट भेज दी गई है। आगामी दिनों में अगर रक्षा मंत्रालय स्तर से कोई निर्देश आए तो मकानों को हटाने की कार्रवाई निश्चित तौर पर की जाएगी।
कई सालों से रह रहे हैं लोग
वहीं करौंदी में रहने वाले 6 परिवारों के सदस्यों ने नवभारत को बताया कि वे पिछले कई सालों से यहां निवासरत हैं और मकानों की मरम्मत वे करवा रहे थे कि तभी सीओडी प्रशासन ने आपत्ति दर्ज कराई और मकानों को हटाने को लेकर नोटिस जारी कर दिए। कैंट बोर्ड प्रशासन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार कैंट बोर्ड के वार्ड क्रमांक 7 स्थित करौंदी को लेकर दावा किया जाता है कि जब सीओडी की स्थापना की गई थी , तब ग्रामीणों को विस्थापित करते हुए करौंदी में बसाया गया था। इस प्रक्रिया से जुड़े कुछ दस्तावेज भी करौंदी वासियों के पास है। लेकिन करौंदी को सिविल एरिया घोषित नहीं किए जाने के कारण सैन्य प्रशासन उक्त भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं करने देता है।
