जलवायु परिवर्तन विश्व के समक्ष एक बड़ी चुनौती: जीनत अमान

नयी दिल्ली,08 नवंबर (वार्ता) बाॅलीवुड की मशहूर अभिनेत्री जीनत अमान ने मौसमी बदलावों और जलवायु परिवर्तन को विश्व के समक्ष एक बड़ी चुनौती करार देते हुए कहा है कि यह कोई दूर की समस्या नहीं है बल्कि इस समय हमारे आसपास घटित हो रही है लेकिन हम इसे अनदेखा करते जा रहे है।
सुश्री अमान ने गुरूवार रात यहां भारत मंडपम, प्रगति मैदान में मोबियस फ़ाउंडेशन की वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के सहयोग से बनी बहुप्रतीक्षित 10-एपिसोड की वृत्तचित्र श्रृंखला ‘एम्ब्रेस ऑफ होप: द फाइट फॉर अवर फ्यूचर’ के प्रीमियर के अवसर पर यह बात कही।
सुश्री अमान ने कहा “जलवायु परिवर्तन और उसके खतरों के बारे में हमें यह संदेश हर व्यक्ति तक पहुँचाना होगा। हममें से बहुत से लोग इस विषय को लेकर उतने सक्रिय नहीं है। व्यक्तिगत रूप से और समाज के एक हिस्से के रूप में हम जलवायु परिवर्तन को केवल घटित होते हुए देखते रहे हैं लेकिन अब समय आ गया है कि हम इसे लेकर गंभीर हों और इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई करें।
इस वृत्तचित्र श्रृंखला में कहानीकार (नैरेटर) सुश्री अमान ने कहा “एम्ब्रेस ऑफ होप- ने मेरे भीतर एक गहरी भावनात्मक अनुभूति जगाई है। मैं इससे इस बात को लेकर व्यक्तिगत स्तर पर जुड़ी कि जलवायु परिवर्तन कोई दूर की समस्या नहीं है बल्कि यह हमारे चारों ओर इस समय घटित हो रहा है। यही कारण है यह वृत्तचित्र आज अत्यंत प्रासंगिक और आवश्यक हैं। यह हमें उस वास्तविकता से रूबरू कराती हैं, जिसे हम अक्सर अनदेखा करना चुन लेते हैं।यह भारत के पर्यावरणीय संकटों—वनों की कटाई, वायु प्रदूषण, जैव विविधता में ह्रास और बढ़ते समुद्र-स्तर को गहनता से प्रस्तुत करती है। इसके साथ ही यह श्रृंखला उन प्रेरणादायी जमीनी पहलों का उल्लेख करती है जो देश में परिवर्तन की दिशा तय कर रही हैं।”
इस वृत्तचित्र का 16 नवंबर 2025 से डिस्कवरी, डिस्कवरी एचडी, डिस्कवरी , एनिमल प्लैनेट और एनिमल प्लैनेट एचडी जैसे चैनलों पर प्रीमियर होगा। इसका प्रसारण ब्राज़ील के बेलेम में आयोजित सीओपी 30 शिखर सम्मेलन के साथ समन्वित किया गया है।
यह श्रृंखला भारत सहित अन्य दक्षिण एशियाई देशों में भी एक साथ जारी की जाएगी जिससे यह प्रभावशाली पर्यावरणीय कथा पूरे क्षेत्र के दर्शकों तक समान रूप से पहुँच सके।
इस अवसर पर मोबियस फ़ाउंडेशन के चेयरमैन प्रदीप बर्मन ने कहा “हमारे ग्रह को बचाने की तात्कालिक आवश्यकता अब भी हमारी सामूहिक चेतना में पर्याप्त रूप से नहीं उतर पाई है। हम बात तो बहुत करते हैं ,पर हमारे प्रयास इस संकट से निपटने के अनुरूप नहीं है। हमारे पर्यावरण विनाश का मूल कारण जीवाश्म ईंधनों का दहन है। लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में इसे न तो ठीक से समझा गया है और न स्वीकार किया गया है। हम 1.5°C की सीमा को पहले ही पार कर चुके हैं और यह हम सबके लिए गहरी चिंता का विषय होना चाहिए।”
श्री बर्मन ने कहा ” विश्व की जनसंख्या इस समय आठ अरब के पार पहुँच चुकी है और हम संसाधनों का उपभोग ऐसी गति से कर रहे हैं जो लंबे समय तक टिकाऊ नहीं हो सकती। हमारे पारिस्थितिकी तंत्र अत्यधिक दबाव में है।यही असंतुलन जलवायु परिवर्तन का प्रमुख कारण बन रहा है। यदि हमें वास्तव में पृथ्वी का संतुलन बहाल करना है तो संसाधनों के उपयोग, ऊर्जा संक्रमण और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जनसंख्या वृद्धि पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा।”
इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोबियस फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष प्रवीण गर्ग ने कहा ” यह वृत्तचित्र 10-एपिसोड का है और हमारी दृष्टि इसे डिस्कवरी पर प्रीमियर से कहीं आगे ले जाने की है। हम इसे स्कूलों, मंचों, दूरदर्शन, बड़े महाविद्यालयों और विभिन्न मीडिया प्लेटफ़ॉर्मों के माध्यम से लोगों तक पहुँचाने की योजना बना रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि कम से कम दस लाख लोग इसे देखें। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि यह वृत्तचित्र श्रृंखला लोगों में काम करने की प्रेरणा जगाए और व्यक्तियों, समुदायों तथा समाज के जीवन में सार्थक परिवर्तन लाए।”

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