
ग्वालियर। बिजली का बकाया बिल वसूलने के लिए बिजली कंपनी ने कड़ा रुख अपना लिया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा राजस्व वसूली बढ़ाने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर कार्रवाई की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बकाया बिजली बिल जल्द से जल्द जमा कराने के लिए अधिकारी अब उपभोक्ताओं के चक्कर काटते नजर आ रहे हैं। कंपनी के सभी वृत्त कार्यालयों में समीक्षा बैठकें आयोजित कर मैदानी स्तर पर वसूली अभियान को तेज कर दिया गया है। बिजली कंपनी के महाप्रबंधक संदीप कालरा ने बताया कि कंपनी प्रबंधन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बकाया राशि की वसूली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। इसके लिए सभी वृत्त कार्यालयों में नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें क्षेत्रवार बकाया राशि, वसूली की स्थिति और लक्ष्य की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि जिन उपभोक्ताओं पर लंबे समय से बकाया है, उनके विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएं।
*भू-राजस्व संहिता के तहत होगी कार्रवाईः* बिजली कंपनी ने मैदानी अधिकारियों को बकाया राशि की वसूली के लिए भू-राजस्व संहिता के अंतर्गत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सी फार्म जारी कर कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा बड़े बकायादार उपभोक्ताओं के बैंक खाते सीज करने की
प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी, ताकि बकाया राशि की शीघ्र वसूली सुनिश्चित की जा सके।
*विजीलेंस और ऑडिट प्रकरणों में भी तेजी से वसूली के निर्देशः* कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि विजीलेंस विभाग द्वारा बनाए गए प्रकरणों में लंबित बकाया राशि की वसूली को भी तेजी से अंजाम दिया जाए। इसके साथ ही ऑडिट द्वारा निकाली गई बकाया राशि और अन्य कारणों से लंबित भुगतान को भी प्राथमिकता के आधार पर वसूला जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन बकाया के कारण काटे गए हैं, उनकी रात के समय जांच की जाएगी। यदि कोई उपभोक्ता अवैध रूप से बिजली का उपयोग करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
