जबलपुर: सिवनी हवाला कांड की जांच की आंच जबलपुर पहुंच गई है। सूत्रों के मुताबिक क्राइम ब्रांच की भूमिका संदिग्ध मिली है जबलपुर में पदस्थ एक आरक्षक से भी पूछताछ हुई है और उसका मोबाइल जब्त किया गया है। वहीं ओमती संभाग में पूर्व में पदस्थ रहे एक सीएसपी की भूमिका पर भी सवाल उठे है जिनसे भी पूछताछ चल रही है।
इस प्रकरण में अब तक एसडीओपी, टीआई सहित 11 पुलिस कर्मियों पर निलंबन की गाज गिर चुकी है और उच्च स्तरीय अधिकारियों की निगरानी में चल रही जांच में जबलपुर का नाम सामने आने के बाद हडक़ंप मच गया है। विदित हो कि हवाला के 1.45 करोड़ रुपये बरामद होने के मामले में 11 अक्टूबर की देर रात लखनवाड़ा पुलिस थाना में तीन लोगों पर संगठित अपराध की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर 12 अक्टूबर को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जबलपुर एएसपी ने शुरू की जांच, केस डायरी तलब
सूत्रों के मुताबिक जबलपुर आईजी प्रमोद वर्मा ने हवाला कांड के तार जबलपुर से जुडऩे के बाद मामले की जांच जबलपुर क्राइम ब्रांच के एएसपी जितेन्द्र सिंह को सौंप दी है। मामले की केस डायरी को जबलपुर तलब किया गया है जिसके बाद मामले की विवेचना तेजी से होगी। इधर जबलपुर सिटी एएसपी आयुष गुप्ता को भी जांच रिपोर्ट बनाने के निर्देश मिले है।
कॉल डिटेल्स खंगाली, हवाला कारोबारी भी रडार में
सूत्रों के मुताबिक जांच टीम ने आरक्षक, सीएसपी के खिलाफ अनेक बिन्दुओं पर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। इसके साथ ही सस्पेंड की गई एसडीओपी पूजा पांडे, बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरम सहित अन्य पुलिसकर्मियों के बीच बातचीत की कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। जबलपुर का एक हवाला कारोबारी भी रडार मेंं आ गया है जिसकी भूमिका की भी जांच चल रही है।
