इंदौर: करवा चौथ पर्व के दौरान इंदौर पुलिस की शक्ति मोबाइल टीमों ने न केवल शहर की सड़कों पर सुरक्षा का पहरा दिया, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता का भी उदाहरण पेश की. देर रात जहां शक्ति मोबाइल की टीम ने एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाया वहीं दो नाबालिक बालिकाओं को सकुशल उनके परिजनों तक भेजा. इस तरह शक्ति मोबाइल महिलाओं के लिए सुरक्षा कवच बन रही है.
पुलिस आयुक्त के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में महिला पुलिस बल सहित शक्ति मोबाइल टीमों को शहर के प्रमुख बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में तैनात किया. देर रात शक्ति मोबाइल पीसीआर 2 को पेट्रोलिंग के दौरान निपानिया चौराहे पर एक दंपत्ति मिला, जिनकी बाइक अचानक खराब हो गई थी. महिला गर्भवती थी और उसे तेज पीड़ा हो रही थी. स्थिति की गंभीरता को समझते हुए टीम ने तत्काल महिला को अपनी गाड़ी में बैठाकर बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचाया.
समय पर मदद मिलने से दंपत्ति ने राहत की सांस ली. इसी तरह पीसीआर 4 की टीम को बाणगंगा पुल के नीचे एक नाबालिक बालिका अकेली व रोती हुई मिली. पूछताछ में उसने बताया कि वह घर से बिना बताए निकल आई थी. टीम ने बालिका को थाने पहुंचाकर परिजनों को सूचना दी. वहीं पीसीआर 5 ने सराफा थाना क्षेत्र से गुमशुदा दर्ज एक अन्य अपहृता बालिका को सुरक्षित उसके परिवार से मिलवाया. इसी टीम उज्जैन नाका क्षेत्र में गश्त के दौरान एक युवक लड़की से छेड़छाड़ कर भागता दिखाई दिया. पुलिसकर्मियों ने तुरंत पीछा कर आरोपी को दबोच लिया और बाणगंगा पुलिस के हवाले किया.
