महू: शहर में यातायात की स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है. इससे आने-जाने वाले वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. आए दिन विवाद की स्थिति भी बनती रहती है. इसे देखते हुए नागरिकोंं ने इस स्थिति से निजात दिलाने के लिए स्टेशन कमांडर और शहर का संचालन करने वाले छावनी बोर्ड के अध्यक्ष ब्रिगेडियर अतुल भाटिया से हस्तक्षेप की मांग शुरू कर दी है.
शहर के हरिफाटक से मोतीमहल टॉकीज तक फैली मुख्य सडक़, प्लॉडेन रोड, भायाजी रोड छावनी अस्पताल और रेडक्रॉस अस्पताल के आसपास के इलाके, वाहनों से ठसाठस भरे रहते हैं. गैरेज मालिकों और पुराने वाहनों के डीलरों ने उन्हें सडक़ों के दोनों ओर पार्क कर दिया है. इससे सडक़ें संकरी हो गई हैं. परिणामस्वरूप यातायात व्यवस्था चौपट हो गई है. दोपहिया वाहन, ठेले वाले और पैदल यात्री धक्का-मुक्की करते नजर आते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है. कबाड़ वाहनों की भरमार न केवल शहर की सुंदरता को बिगाड़ रही है, बल्कि दुर्घटनाओं का कारण भी बन रहा है.
आए दिन होती हैं दुर्घटनाएं
माल से लदे ट्रक, ठेले वाले और पैदल यात्रियों में आए दिन विवाद होते रहते हैं और दुर्घटना का खतरा भी हमेशा बना रहता है. यातायात पुलिस, एसडीएम और छावनी बोर्ड से नागरिकों द्वारा बार-बार आग्रह करने के बावजूद इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. इस कारण लोगों में निराशा के साथ ही आक्रोश पनप रहा है. लोग इस अनदेखी को नौकरशाही की जड़ता निरूपित कर रहे हैं.
अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक की पहल
स्थानीय निवासियों का मानना है कि यातायात समस्या से निजात के लिए छावनी बोर्ड के अध्यक्ष ब्रिगेडियर अतुल भाटिया को हस्तक्षेप करना चाहिए. इस समस्या के निदान की कुंजी ब्रिगेडियर भाटिया के पास है. पुलिस, एसडीएम और छावनी बोर्ड के अधिकारियों के साथ एक संयुक्त बैठक की पहल करके वे एक समन्वित समाधान का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं. स्थानीय लोगों का तर्क है कि ऐसी बैठक ही सडक़ों को साफ करने तथा महू में यातायात व्यवस्था बहाल करने का एकमात्र व्यावहारिक रास्ता है
