बैतूल: मुलताई में गुरुवार रात दो बाइकों की मामूली टक्कर से उपजा विवाद हिंसक रूप ले बैठा, जिसके बाद प्रशासन ने हालात काबू में करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने शुक्रवार को भारतीय नागरिक संहिता की धारा 163 के तहत पूरे क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए। अब बिना अनुमति कोई रैली, धरना या जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा, न ही कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर हथियार, डंडा या रॉड लेकर चल सकेगा।
प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भी निगरानी कड़ी कर दी है। किसी भी तरह की धार्मिक या भड़काऊ पोस्ट साझा करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
विवाद की शुरुआत दो बाइकों की टक्कर से हुई थी, लेकिन स्थिति इतनी बिगड़ी कि आरएसएस प्रचारक शिशुपाल यादव से मारपीट और बाद में पत्थरबाजी-तोड़फोड़ तक की नौबत आ गई। भीड़ ने थाने के बाहर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पांच युवकों को हिरासत में लिया है।
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने कार्रवाई करते हुए मुलताई टीआई देवकरण डेहरिया को लाइन अटैच और दो सब-इंस्पेक्टरों को निलंबित कर दिया है।
कलेक्टर सूर्यवंशी ने स्पष्ट किया कि घटना किसी धार्मिक तनाव का परिणाम नहीं थी, बल्कि आपसी गलतफहमी से उपजी थी। उन्होंने नागरिकों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल मुलताई में पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है और प्रशासन हालात पर सतर्क निगाह रखे हुए है।
