छिंदवाड़ा: जिले में मल्टीपल कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से हुई मासूमों की मौत के सनसनीखेज मामले के जिम्मेदार श्रीसन फार्मा कंपनी के मालिक रंगनाथन को पुलिस चेन्नई से गिरफ्तार कर शुक्रवार को छिंदवाड़ा ले आई।जानकारी के अनुसार, सिरप के सैंपल की जांच में जहरीले रासायनिक तत्व डायथिलीन ग्लाइकॉल की मौजूदगी की पुष्टि हुई थी। इसके बाद प्रदेश सरकार के निर्देश पर एसआईटी ने दवा निर्माता कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। तमिलनाडु में छिपे रंगनाथन को वहां की स्थानीय पुलिस के सहयोग से पकड़ा गया और ट्रांजिट रिमांड पर छिंदवाड़ा लाया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रंगनाथन से अब उत्पादन प्रक्रिया, कच्चे माल की गुणवत्ता और लाइसेंस से जुड़ी जानकारियां पूछी जा रही हैं। शुरुआती पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि कंपनी ने बिना मानक जांच के दवा की खेप तैयार कर प्रदेश के कई जिलों में सप्लाई की थी।इस बीच, मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की टीमें सतना, बैतूल, बालाघाट समेत अन्य जिलों में भी संदिग्ध दवाओं के सैंपल ले रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहले ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की बात कही थी।जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि जहरीला सिरप बनाने में कौन-कौन शामिल था और निगरानी प्रक्रिया में चूक कहाँ हुई। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में कंपनी के अन्य अधिकारियों और आपूर्तिकर्ताओं पर भी शिकंजा कस सकता है।
