मुंबई, 25 सितंबर (वार्ता) विदेशी निवेशकों की बिकवाली और अमेरिका के साथ जारी व्यापार तनाव की चिंता में घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को लगातार पांचवें दिन गिरावट रही और बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले कारोबारी दिवस की तुलना में 555.96 अंक (0.68 प्रतिशत) लुढ़ककर 81,159.68 अंक पर बंद हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 भी 166.05 अंक नीचे 24,890.85 अंक पर बंद हुआ। पांच दिन में सेंसेक्स लगभग 1854 अंक और निफ्टी-50 करीब 532 अंक गिरकर 09 सितंबर के बाद के निचले स्तर पर आ चुके हैं।
चौतरफा बिकवाली के बीच सिर्फ धातु सेक्टर की कंपनियों में निवेशकों ने विश्वास दिखाया। रियलिटी, आईटी, फार्मा, ऑटो, वित्तीय सेवा और स्वास्थ्य सेक्टरों पर ज्यादा दबाव रहा।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की अमेरिका यात्रा से उम्मीद लगाये बैठे निवेशकों में कोई सकारात्मक घोषणा न होने से निराशा हाथ लगी है।
सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट का शेयर 3.19 प्रतिशत और पावर ग्रिड का 3.05 प्रतिशत टूट गया। टाटा मोटर्स में 2.71 फीसदी और टीसीएस में 2.50 फीसदी की गिरावट रही। एशियन पेंटे्स, एनटीपीस, अडानी पोर्ट्स और बजाज फाइनेंस के शेयर भी डेढ़ से ढाई प्रतिशत के बीच लुढ़क गये।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से सिर्फ तीन के शेयर हरे निशान में बंद हुये। बीईएल में 2.05 प्रतिशत की तेजी रही। भारती एयरटेल और एक्सिस बैंक के शेयर भी बढ़त में बंद हुये। मझौली और छोटी कंपनियों पर भी दबाव रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.66 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.57 फीसदी उतर गया।
अधिकतर विदेशी बाजार भी गिरावट में रहे। हांगकांग का हैंगसेंग 0.13 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.01 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ। वहीं, जापान का निक्केई 0.27 प्रतिशत की बढ़त में रहा। यूरोप में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.65 प्रतिशत और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.23 प्रतिशत नीचे थे।

