मोहनलाल की पहली फिल्म ‘थिरानोट्टम’ 25 साल बाद हुयी थी रिलीज

नयी दिल्ली, (वार्ता) दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार मोहनलाल अभिनीत वर्ष 1978 में निर्मित पहली मलयालम फिल्म थिरानोट्टम के रिलीज होने में सेंसरशिप के चलते 25 साल का वक्त लग गया था।

वर्ष 1978 में निर्मित फिल्म ‘थिरानोट्टम’ को मोहनलाल ने खुद अपने चार दोस्तों के साथ मिलकर बनाया था।मोहनलाल ने फिल्म में मानसिक रूप से अक्षम नौकर कुट्टप्पन की भूमिका निभाई थी। इस फिल्म रिलीज होने में कई दिक्कतें आईं। सेंसरशिप की दिक्कतों की वजह से फिल्म अटक गई और इसे रिलीज होने में 25 साल का वक्त लग गया।मोहनलाल इससे बेहद निराश हो गए हालांकि बाद में उन्होंने एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम कर अपने अभिनय का जौहर दिखाया।

मोहनलाल का जन्म 21 मई 1960 को केरल के एलनथूर गांव में हुआ था। उन्होंने गवर्नमेंट मॉडल बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल, तिरुवनंतपुरम से पढ़ाई की और महात्मा गांधी कॉलेज, तिरुवनंतपुरम से कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया। मोहनलाल को बचपन से ही अभिनय में दिलचस्पी थी।यही वजह है कि वह स्कूल में होने वाले नाटक में भाग लिया करते थे। जब वह छठी क्लास में थे तो उन्होंने कंप्यूटर बॉय नाटक में काम किया था, जिसमें उन्होंने नब्बे साल के व्यक्ति का किरदार निभाया था।

मोहनलाल रेसलर भी रह चुके हैं। वर्ष 1977 से 1978 के बीच वह केरल स्टेट रेसलिंग चैंपियन रहे थे। फिल्मों में दिलचस्पी के चलते उन्होंने बतौर रेसलर अपने करियर को आगे नहीं बढ़ाया और 18 साल की उम्र में फिल्मों में कदम रख दिया।

मोहनलाल अभिनीत पहली फिलम मंजिल विरिन्जा पुक्कल वर्ष 1980 में प्रदर्शित हुयी। इस फिल्म में उन्होंने खलनायक की भूमिका निभायी। वर्ष 1980 के दशक के मध्य में मोहनाल ने खुद को एक प्रमुख अभिनेता के रूप में स्थापित किया। 1986 में, उन्होंने कॉमेडी ड्रामा टीपी बालगोपालन एमए में अभिनय किया , जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का केरल राज्य फिल्म पुरस्कार मिला। उसी वर्ष उन्हें कॉमेडी ड्रामा सन्मानसुल्लावरक्कु समाधानम में उनके प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (मलयालम) का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला।

वर्ष 1986 के आसपास मोहनलाल अपने फिल्मी करियर के पीक पर थे। इस दौरान हर 15 दिन में उनकी एक फिल्म रिलीज होती थी। वर्ष 1986 में एक साल के अंदर उनकी 34 फिल्में रिलीज हुई थीं, जो एक रिकॉर्ड है।आज तक एक साल में किसी अभिनेता की इतनी फिल्में रिलीज नहीं हो पाई हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन 34 फिल्मों में 25 फिल्में हिट साबित हुई थीं। उस दौर में मोहनलाल की हर साल औसत 20 फिल्में रिलीज होती थीं। इस दौरान उन्हें जाने-माने फिल्ममेकर प्रियदर्शन का साथ मिला जो कि लाइट कॉमेडी फिल्में बनाने के लिए मशहूर हैं।मोहनलाल ने प्रियदर्शन की कई फिल्मों में अभिनय का जौहर दिखाया है।

मोहनलाल की लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। 80 के दशक में उनका स्टारडम चरम पर था और तभी सुचित्रा नाम की एक फैन ने उनसे शादी करने की ठान ली। दोनों के बीच मुलाकातें बढ़ीं और रिश्ता प्यार में बदल गया। हालांकि दोनों की कुंडली नहीं मिली, लेकिन सुचित्रा ने हार नहीं मानी। दो साल के इंतजार के बाद आखिरकार 28 अप्रैल 1988 को दोनों ने शादी कर ली।

मोहनलाल की प्रतिभा सिर्फ दर्शकों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि सरकार और आलोचकों ने भी उनके योगदान को खूब सराहा। उन्हें अब तक पांच बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुका है, जो किसी भी अभिनेता के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्हें भारत सरकार ने 2001 में पद्म श्री और 2019 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया। भारतीय सेना ने भी मोहनलाल को ऑनरेरी लेफ्टिनेंट कर्नल का पद देकर उन्हें सलामी दी, जो किसी भी अभिनेता के लिए गौरव की बात है।

मोहनलाल सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक सफल बिजनेसमैन भी हैं। उनके पास फिल्म प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी मैक्सलैब सिनेमा एंड एंटरटेनमेंट है। इसके अलावा उन्होंने ‘विस्मया मैक्स’ नाम से त्रिवेंद्रम में पोस्ट-प्रोडक्शन स्टूडियो भी शुरू किया है। वह दुबई में ‘मोहनलाल टेस्टबड्स’ नाम की रेस्टोरेंट चेन के मालिक हैं। इसके अलावा वो मसाला पैकेजिंग के बिजनेस में भी सक्रिय हैं।

 

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