नयी दिल्ली 10 मार्च (वार्ता) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा और कहा कि एआई समिट के दौरान युवा कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर उनका बयान राष्ट्र विरोधी सोच का प्रतीक है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने आज यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, “कल श्री गांधी ने यह कहते हुए गर्व प्रकट किया कि एआई समिट में नग्नता फैलाकर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर बहुत अच्छा काम किया था। जब वह ये बातें कह रहे थे, तब पूरे देश ने उनके चेहरे पर मीर जाफर जैसी मुस्कान साफ़-साफ़ देखी।” उन्होंने कहा कि किसी भी देशभक्त को अपने ही देश की बदनामी या असफलता पर खुशी नहीं हो सकती तथा देश के अपमान का आनंद केवल वही व्यक्ति ले सकता है, जिसकी सोच राष्ट्रविरोधी हो। गौरतलब है कि श्री गांधी सोमवार को कहा था “लोग कहते हैं एआई समिट, सुना होगा आपने एआई…यहां पर अभी समिट हुआ था, कर दिया काम, यूथ कांग्रेस वालों ने।”
भाजपा प्रवक्ता ने श्री गांधी के इस बयान को लेकर उन पर हमला बोलते हुए कहा, “हमने पहले ही यह स्पष्ट किया था कि इस प्रदर्शन के वास्तुकार श्री गांधी थे और उनके आवास पर ही इसकी साजिश रची गई थी। कल उन्होंने खुद ही इसे साबित कर दिया। यह कोई संयोग नहीं था, यह एक प्रयोग था।उनके चेहरे पर जो कुटिलता और अहंकार भरी मुस्कान थी, ये हमारे अंदर सिहरन पैदा कर रही है।” उन्होंने कहा, “हमने कुछ दिनों पहले देखा था कि एआई समिट में दुनिया भर से कई शीर्ष नेता आए थे। कई राष्ट्राध्यक्ष आए थे। दुनिया भर के प्रतिनिधि और मंत्री आए थे। कई संगोष्ठियां हुई थीं और की अनुसंधानकर्ताओं ने इस दौरान प्रस्तुतियां दी थी, लेकिन कांग्रेस को ये बातें अच्छी नहीं लगी और उसने नग्नता का प्रदर्शन किया।”
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने कहा है कि यदि वह सत्ता में नहीं रहीं तो एक विशेष समुदाय आपको खत्म कर देगा। दरअसल ममता बनर्जी स्वयं यह स्वीकार कर रही हैं कि पश्चिम बंगाल में तुष्टिकरण और हिंसा की स्थिति इतनी भयावह है कि पूरा एक समुदाय राज्य से मिटाया और ख़त्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उनका यह बयान काफी हद तक ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी के बयान से मिलता-जुलता है। उन्होंने मूलतः वही बात अलग शब्दों में दोहराई है।

