मुंबई, 16 सितंबर (वार्ता) जानीमानी अभिनेत्री कृति खरबंदा ने बॉलीवुड में अपने नौ साल पूरे कर लिये हैं।
‘रा़ज़: रिबूट’ से ‘राणा नायडू 2’ तक कृति खरबंदा का फिल्मी सफर काफी दिलचस्प रहा है। वर्ष 2016 से ‘रा़ज़: रिबूट’ से बॉलीवुड में कदम रखने वाली कृति खरबंदा ने अपने करियर के नौ साल पूरे कर लिये हैं। उनका फिल्मी सफर कमर्शियल फिल्मों के साथ दिल छू लेने वाले ड्रामों और बेबाक ओटीटी विकल्पों का बेहद अनूठा संतुलन दर्शाता है।
हॉरर थ्रिलर फ़िल्म ‘राज़ रिबूट’ से बॉलीवुड में कदम रखनेवाली कृति ने इस फ़िल्म में जिस तरह की चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाई, उसने उनकी सक्षम अभिनय प्रतिभा के साथ उनके आत्मविश्वास को भी दिखाया।एक हल्की-फुल्की कॉमेडी फ़िल्म ‘गेस्ट इन लंदन’ में उन्होंने अपने स्वाभाविक आकर्षण के साथ पर्फेक्ट कॉमिक टाइमिंग से अपने दर्शकों का दिल जीता। शादी में ज़रूर आना को उनके अभिनय सफर में मील का पत्थर कहें तो गलत नहीं होगा क्योंकि इस इमोशनल रोमांटिक फ़िल्म के ज़रिए उन्होंने अपने संवेदनशील, किंतु प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया।
यमला पगला दीवाना इस फ़िल्म में भी उन्होंने अपनी कॉमिक टाइमिंग के साथ-साथ बड़े सितारों के होते हुए भी अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करवाई। हाउसफुल 4 ,बॉलीवुड की एक ब्लॉकबस्टर कॉमेडी फिल्म में शुमार है, जिसने उन्हें बॉलीवुड के सबसे सफल फ्रेंचाइज़ में जगह दी। फिल्म पागलपंती अपने नाम के अनुरूप पूरी तरह से एक विशुद्ध कॉमेडी मनोरंजक फ़िल्म थी, जिसने उन्हें मुख्यधारा में बनाए रखा।बिजॉय नांबियार की गहरी इंटेंस ड्रामा फ़िल्म ‘तैश’ ने भी कृति की अभिनय में गहराई को जोड़ा, बल्कि उनके अभिनय क्षमता को साबित किया।
फिल्म 14 फेरे एक पारिवारिक फिल्म थी, जिसमें कृति ने रोमांस और सामाजिक मुद्दों के बीच संतुलन बनाकर दर्शकों को प्रभावित किया था। नेटफ्लिक्स की ब्लॉकबस्टर सीरीज़ राणा नायडू 2 के साथ कृति ने ओटीटी की तरफ कदम बढ़ाते हुए न सिर्फ एक बहुपरतीय भूमिका निभाई, बल्कि अपने दर्शकों में भी इजाफा किया। विशेष रूप से अपनी ‘गर्ल-नेक्स्ट-डोर’ इमेज से अलग हटकर उन्होंने एक अंधेरे, तीखे पक्ष को दिखाया, जिसने उनके करियर को नया आयाम दिया।
‘रा़ज़: रिबूट’ से ‘राणा नायडू 2’ तक कृति खरबंदा का नौ वर्षों का सफर उनकी बहुमुखी प्रतिभा, मेहनत और रूढ़ियों को तोड़ने की हिम्मत का प्रमाण है।
