खार्तूम, 15 सितंबर (वार्ता) सूडानी सरकार ने अमेरिकी वित्त विभाग द्वारा सूडानी व्यक्तियों और संस्थाओं पर लगाए गए एकतरफा प्रतिबंधों की आलोचना की है।
सूडान के विदेश मंत्रालय के अनुसार इस तरह के कदम सूडान में शांति की स्थापना और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के वांछित लक्ष्यों को प्राप्त करने में मददगार नहीं हैं।
विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा है कि सूडान सरकार इस बात पर बल देती है कि संकट के समाधान का सबसे अच्छा तरीका प्रत्यक्ष संवाद है। बयान में इस बात पर बल दिया गया है कि सूडान में शांति प्राप्त करना मुख्य रूप से उसका अपना मामला है जो सभी घटकों में लोगों की आकांक्षाओं पर आधारित है।
इसमें यह भी पुष्टि की गई कि सूडान सरकार राष्ट्रीय संप्रभुता के ढांचे के भीतर सभी पक्षों के साथ संवाद और संयुक्त कार्रवाई सहित शांति की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए जिम्मेदार है। शुक्रवार को अमेरिका ने सूडान के वित्त मंत्री जिब्रिल इब्राहिम और अल-बरा बिन मलिक ब्रिगेड पर प्रतिबंधों की घोषणा की है, जो सूडानी सेना का मददगार एक सशस्त्र समूह है।
अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार ये प्रतिबंध सूडानी इस्लामी तत्वों अर्थात् इब्राहिम और ब्रिगेड पर सूडान के गृहयुद्ध में उनकी संलिप्तता और ईरान से उनके संबंधों के कारण लगाए गए हैं।बयान में यह भी कहा गया है कि प्रतिबंधों का उद्देश्य सूडान में इस्लामी प्रभाव को कम करना और ईरान की क्षेत्रीय गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। जिसके कारण क्षेत्रीय अस्थिरता, संघर्ष और आम लोगों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। अमेरिका ने इससे पहले 27 जून को सूडान पर प्रतिबंध लगाए थे, जिसमें सूडानी सरकार पर संघर्ष में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए थे।
सूडान में सशस्त्र बलों और रैपिड सपोर्ट फोर्सेस के बीच संघर्ष अप्रैल 2023 में शुरू हुआ था। इस लड़ाई में देश में और सीमा पार हजारों लोग मारे गए हैं तथा लाखों लोग विस्थापित हुए हैं, जिससे देश में मानवीय संकट और गहरा गया है।

