
सिंगरौली। भारतीय जनता पार्टी की सिंगरौली जिला कार्यकारिणी की घोषणा के कुछ ही दिनों बाद यह विवादों में घिर गई है। वरिष्ठ भाजपा नेता राजेश तिवारी ने जिला उपाध्यक्ष पद ठुकरा कर त्यागपत्र दे दिया है, वहीं कोषाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों की नियुक्तियों को लेकर सोशल मीडिया पर पार्टी की जमकर किरकिरी हो रही है।
विशेष रूप से कार्यकारिणी में एक भी आदिवासी पुरुष को शामिल न किए जाने और देवसर विधानसभा क्षेत्र में अजा वर्ग के पुरुषों को जगह न मिलने पर पार्टी के अंदर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि देवसर और चितरंगी क्षेत्रों में यह सुनियोजित कदम हो सकता है, ताकि इन क्षेत्रों के किसी नए नेता को उभरने का मौका न मिले।
वहीं, विवादित चेहरों में अंजनी जायसवाल का नाम भी शामिल है, जिन्हें कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का कहना है कि जायसवाल संगठन में कभी सक्रिय नहीं रहे और उनका कार्य क्षेत्र कभी केवल ओबी कंपनियों तक सीमित रहा। इसके बावजूद उन्हें कोषाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया, जिससे सवाल उठ रहे हैं कि वे किस भाजपा नेता के पसंदीदा बन गए।
इस कार्यकारिणी में वह भी शामिल हैं जिन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी का विरोध किया और त्यागपत्र भी दिए थे। इन सभी कारणों से भाजपा की जिला कार्यकारिणी धीरे-धीरे विवादों में घिरती नजर आ रही है और सोशल मीडिया पर पार्टी की किरकिरी शुरू हो गई है।
