
जबलपुर। मध्यप्रदेश में पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर मंगलवार को हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने अदालत में पुरानी और नई प्रमोशन पॉलिसी का तुलनात्मक चार्ट पेश किया, लेकिन याचिकाकर्ताओं ने अधूरा जवाब देने का आरोप लगाया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि नई नीति में वर्गवार आंकड़े दिए गए हैं और यह पुरानी पॉलिसी से अलग है। हालांकि कोर्ट ने सवाल उठाया कि प्रमोशन में आरक्षण देने का आधार क्या है, आबादी या सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व इसके साथ ही अदालत ने सरकार से यह भी पूछा कि क्या नई पॉलिसी में सुप्रीम कोर्ट के सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया गया है।
इन्होंने की पैरवी
मंगलवार को सरकार की ओर से पूर्व एडिशनल अटॉर्नी जनरल सीएस वैद्यनाथन पैरवी में शामिल हुए। दरअसल इस मामले में पैरवी पूर्व एडिशनल अटॉर्नी जनरल सीएस वैद्यनाथन और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता करेंगे। आज हुई सुनवाई में सरकार ने नई प्रमोशन पॉलिसी लागू करने की अंतरिम राहत देने की मांग की गई है। फिलहाल कोर्ट के निर्देश और अंडरटेकिंग के चलते नई पॉलिसी का क्रियान्वयन रुका हुआ है। गौरतलब है कि इस मामले की 9 जुलाई को हुई विगत सुनवाई में हाई कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने अंडरटेकिंग दी थी कि अगली सुनवाई तक उक्त पॉलिसी के तहत किसी को प्रमोशन नहीं दिए जाएंगे।
