
तेंदूखेड़ा/दमोह।दमोह जिले के तेंदूखेड़ा निवासी निखिल सोनी (पिता – भूपेंद्र सोनी) ने नई दिल्ली स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन हॉल में आयोजित दिल्ली छात्र संसद 2026 में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। अपने प्रभावशाली वक्तव्य में उन्होंने महिला सशक्तिकरण, महिला सुरक्षा, विकसित भारत 2047, चुनावी सुधार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर अपने विचार रखे।उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए तथा महिलाओं के विरुद्ध जघन्य अपराध करने वालों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, जिससे समाज में भय और न्याय दोनों की भावना मजबूत हो।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 का सपना तभी साकार होगा जब समाज समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली, तकनीकी प्रगति और युवाओं की सक्रिय भागीदारी के साथ आगे बढ़े।निखिल सोनी ने परीक्षा प्रणाली को और अधिक निष्पक्ष बनाने, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण तथा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उन्होंने वर्ष 2014 के बाद भारत में हुए विभिन्न विकास कार्यों, आधारभूत संरचना, डिजिटल परिवर्तन, स्टार्टअप संस्कृति, युवाओं के लिए बढ़ते अवसर तथा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हुए प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में युवाओं की भागीदारी भारत को विश्व में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।इस अवसर पर अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की प्रमुख अतिथि व राष्ट्रीय युवा संसद 2019 की विजेता श्वेता उमरे ने युवाओं को लोकतंत्र, संवाद और नेतृत्व के महत्व पर प्रेरित किया।
कार्यक्रम में देशभर से आए प्रतिभागियों ने विभिन्न राष्ट्रीय विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। निखिल सोनी के तार्किक, प्रभावशाली व राष्ट्रहित से जुड़े विचारों की उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों ने सराहना की।
