सतीश विश्वकर्मा
उमरिया/बिरसिंहपुर पाली: जिले में शिक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठते रहे हैं और एक बार फिर विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली चर्चा का विषय बन गई है। मामला 1 सितंबर का है, जब पाली विकासखंड शिक्षा अधिकारी के सेवानिवृत्ति उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन कन्या शिक्षा परिसर में किया गया। खास बात यह रही कि इस कार्यक्रम का समय दिन में न होकर शाम से रात तक रखा गया।
सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम में कई बाहरी लोगों की मौजूदगी रही और छात्रावास में रहने वाली छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित हुई। इतना ही नहीं, छात्राओं से बैंड बजवाया गया और उन्हें यूनिफॉर्म बदलने तक का समय नहीं दिया गया। सवाल यह उठ रहा है कि कन्या छात्रावास को ही स्थल क्यों चुना गया।इस मामले पर प्राचार्य सरिता जैन ने इसे उचित ठहराते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी परिसर के पहले प्राचार्य रहे हैं, इसलिए यहां कार्यक्रम किया गया।
वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल ने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन दिन के समय और उचित स्थान पर होने चाहिए। कांग्रेस जिला अध्यक्ष विजय कोल ने भी शिक्षा विभाग की मनमानी पर कड़ा सवाल उठाया और जांच की मांग की।पालक महासंघ जिला अध्यक्ष सतीश विश्वकर्मा ने कहा कि नियमों को ताक पर रखकर छात्रावास में इस तरह का आयोजन होना निंदनीय है। वे ज्ञापन के माध्यम से कार्यवाही की मांग करेंगे। अब देखना यह है कि जिला कलेक्टर इस मामले पर क्या कदम उठाते हैं।
