आमला:नगर में आवारा पशुओं ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। गाय, बैल और कुत्तों के झुंड रोज़ाना गलियों और प्रमुख चौकों पर डेरा जमाए रहते हैं। गोविंद कॉलोनी चौक, रेस्ट हाउस, आरामशीन, रेलवे पटरी और जनपद चौक जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में इनका आतंक सबसे अधिक देखा जा रहा है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जुलाई से अगस्त माह के बीच आमला क्षेत्र में 268 लोग आवारा कुत्तों के हमले का शिकार बने हैं।
वहीं गाय और बैलों के हमलों से भी कई लोग घायल हो चुके हैं। स्थिति यह है कि गलियों में गोबर और गंदगी का ढेर लगा हुआ है, जिससे नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय निवासी अजय राठौर ने बताया कि बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल हो गया है, क्योंकि वे हमेशा कुत्तों के डर से सहमे रहते हैं। वहीं सुरेश ने कहा कि नगर पालिका केवल मीटिंग और वादों तक सीमित है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन केवल दिखावा कर रहा है और तब तक नहीं जागेगा जब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हो जाता। सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं?
इनका कहना है
आवारा कुत्तों और पशुओं को पकड़ने की मुहिम चलाई जाएगी। जल्द ही नगर से इस समस्या से निजात मिलेगी।
नितिन गाडरे, अध्यक्ष, नपा आमला
