नयी दिल्ली, 06 सितंबर (वार्ता) निजी क्षेत्र की देश की अग्रणी बिजली कंपनी अडानी पावर ने भूटान में 570 मेगावाट की वांगछू जलविद्युत परियोजना स्थापित करने के लिए वहां की सरकारी कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डीजीपीसी) के साथ शेयरधारक समझौते (एसएचए) पर हस्ताक्षर किये हैं।
अडानी पावर ने शनिवार को एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी।
वांगछू परियोजना में नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र और संबंधित बुनियादी ढांचे की स्थापना में लगभग 60 अरब रुपये का निवेश होगा। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होने के बाद निर्माण कार्य अगले साल की पहली छमाही में शुरू होने की उम्मीद है। शिलान्यास के पांच साल के भीतर निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा, बिजली खरीद समझौते (पीपीए) पर सैद्धांतिक सहमति भी बनी। गर्मियों के दिनों में, जब भूटान में मांग कम होती है, इस परियोजना से बिजली भारत को बेची जायेगी। डेवलपर्स ने भूटान की शाही सरकार के साथ परियोजना के लिए रियायत समझौते पर भी हस्ताक्षर किये।
भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे और अडानी समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी की उपस्थिति में इन समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये। अडानी पावर और डीजीपीसी के पास निर्माण, स्वामित्व, संचालन और हस्तांतरण की जिम्मेदारी होगी।
अडानी पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारकी एस.बी. ख्यालिया ने कहा, “भूटान सतत विकास में दुनिया के लिए एक आदर्श है और हम इस नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना के माध्यम से देश के प्राकृतिक संसाधनों के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए बेहद उत्साहित हैं। वांगछू जलविद्युत परियोजना भूटान की सर्दियों की चरम मांग को पूरा करेगी, जब आम तौर पर जल विद्युत उत्पादन कम होता है। गर्मियों के महीनों के दौरान इस परियोजना से भारत को बिजली का निर्यात किया जायेगा।”
डीजीपीसी के प्रबंध निदेशक दाशो छेवांग रिनजिन ने कहा कि भूटान और भारत 1960 के दशक से भूटान की जल विद्युत क्षमता के दोहन पर काम कर रहे हैं। इस सहयोग से दोनों देशों को अत्यधिक लाभ हुआ है और इसे दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों की आधारशिला माना जाता है। उन्होंने कहा, “चूँकि भूटान अगले दशक में एक उच्च आय और सकल राष्ट्रीय खुशहाली वाला देश बनने का प्रयास कर रहा है, इसलिए जलविद्युत और सौर ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों से विश्वसनीय और सस्ती बिजली तक पहुंच उसके आर्थिक विकास को गति देने के लिए अन्य निवेशों को सक्षम बनाने हेतु महत्वपूर्ण होगी।”
श्री रिनजिन ने बताया कि भूटान साल 2040 तक जलविद्युत में 15,000 मेगावाट और सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में 5,000 मेगावाट की अतिरिक्त वृद्धि करने की योजना बना रहा है। अडानी समूह की तकनीकी और वित्तीय क्षमता और अपार अनुभव तथा विशेषज्ञता को देखते हुये परियोजना के कार्यान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। परियोजना के पूरा होने पर यह परियोजना न केवल भूटान की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगी, बल्कि भूटान और भारत के बीच ग्रिड कनेक्टिविटी को और मजबूत करने में भी मदद करेगी।
