नयी दिल्ली, 05 सितम्बर (वार्ता) दिल्ली में यमुना के उफान ने एक बार फिर आम लोगों की जिंदगी को अस्त-व्यस्त कर दिया है। निचले इलाकों में पानी भरने से बहुत से परिवार बेघर और बेहाल हो गए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर चुके वर्ल्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियन महंत गौरव शर्मा ने इस मुश्किल घड़ी में मानवता की मिसाल पेश की। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर जरूरतमंदों तक भोजन के पैकेट पहुंचाए।
शर्मा अपनी टीम के साथ यमुना किनारे बसे इलाकों में पहुंचे, जहां लोग घरों से बेघर होकर अस्थायी शिविरों और सड़कों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
उन्होंने परिवारों को खाने-पीने की सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएं वितरित कीं।
गौरव शर्मा ने कहा, “यह वक्त सेवा का है। जब लोग भूखे और बेघर हैं तो हमें अपनी ताकत और संसाधनों का इस्तेमाल उनकी मदद में करना चाहिए। खेल ने मुझे पहचान दी है और मेरी जिम्मेदारी है कि समाज के काम आ सकूं।”
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत किया और कहा कि ऐसे मुश्किल समय में मदद का हर हाथ बेहद कीमती होता है।
महंत गौरव शर्मा पहले भी सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे हैं। खेल के मैदान में मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करने वाले शर्मा मानते हैं कि असली जीत तब है जब खिलाड़ी समाज की भी सेवा करे।
बाढ़ के बीच उनकी यह पहल सिर्फ भोजन बांटने तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह संदेश भी दे गई कि संकट की घड़ी में संवेदनशीलता और सेवा ही सबसे बड़ी ताकत है।
