इंदौर: करीब एक हजार करोड़ रुपए मूल्य की होप टेक्सटाइल मिल की जमीन को लेकर राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने मिल प्रबंधन की याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद प्रशासन का 22.24 एकड़ जमीन पर कब्जा यथावत रहेगा.यह जमीन वर्ष 1939 में मिल प्रबंधन को 99 साल की लीज पर दी गई थी. लेकिन 1986 में मिल बंद होने के बाद लीज की शर्तों का उल्लंघन होने पर प्रशासन ने इसे सरकारी संपत्ति घोषित कर अपने कब्जे में ले लिया था. कलेक्टर, इंदौर के इस आदेश को मिल प्रबंधन ने चुनौती दी थी.
गुरुवार को जस्टिस प्रणय वर्मा की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए याचिका निरस्त कर दी. राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता आनंद सोनी ने दलील दी कि याचिकाकर्ता के पास वैधानिक वैकल्पिक उपाय मौजूद हैं, इसलिए सीधे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना विधिसम्मत नहीं है. अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि वैधानिक विकल्प होने पर सीधे रिट याचिका दायर करना स्वीकार्य नहीं है. इस फैसले के साथ ही कलेक्टर, इंदौर द्वारा पारित अधिग्रहण आदेश पूरी तरह प्रभावी रहेगा और प्रशासन का जमीन पर कब्जा बना रहेगा. इससे राज्य सरकार को इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद में महत्वपूर्ण राहत मिली है.
