
ग्वालियर। जलझूलनी एकादशी पर भगवान के जन्म के18 वें दिन डोल ग्यारस उत्सव मनाया गया। विष्णु के वामन रूप की पूजा-अर्चना की गई। माता यशोदा ने नन्हे कान्हा को डोल में बैठा कर तालाब के घाट पर ले जाकर जल और घाट की पूजा की।
यह परंपरा बुधवार को गिर्राज मंदिर, सदर बाजार, मुरार में भी निभाई गई, जहां ठाकुर जी को फूलों से सजी पालकी में विराजमान कर जयकारा लगाते हुए हुरावली स्थित जलाशय तक ले जाया गया. यहां भगवान को स्नान कराकर नौका विहार भी कराया गया. इससे पहले मुरार के प्रमुख मार्गों से बैंडबाजे के साथ डोल यात्रा निकाली गई. मार्ग में भक्तों ने भगवान की पूजा अर्चना की।
डोल यात्रा में गिर्राज मंदिर के पुजारी पंडित मुकेश मोहन पांडे, गिर्राज भक्त मंडल के मीडिया प्रभारी पंकज पाठक, गौरव जैन, मनमोहन तिवारी, अमरीश शर्मा, केशव यादव, अमन पांडे, सौरभ पांडे, अंकित पांडे, आयुष शर्मा लड्डू एवं तमाम भक्तगण शामिल रहे।
