नयी दिल्ली, 01 सितंबर (वार्ता) मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में अप्रैल से जून के दौरान चालू खाते का घाटा 2.4 अरब डॉलर पर रहा जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 0.2 प्रतिशत के बराबर है।
इससे पहले, वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में चालू खाते का घाटा 8.6 अरब डॉलर था जो जीडीपी के 0.9 प्रतिशत के बराबर था जबकि चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2025) में चालू खाते में भारत 13.5 अरब डॉलर के फायदे में रहा था जो जीडीपी के 1.3 प्रतिशत के बराबर था।
रिजर्व बैंक द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों में कहा गया है कि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के मुकाबले चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में वस्तु व्यापार घाटा 63.8 अरब डॉलर से बढ़कर 68.5 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वहीं, सेवा से प्राप्त आय एक साल पहले के 39.7 अरब डॉलर से बढ़कर 47.9 अरब डॉलर हो गया।
वहीं विदेशों में रहने वाले भारतीयों ने 33.2 अरब डॉलर स्वदेश भेजे। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह आंकड़ा 28.6 अरब डॉलर था। इसमें मुख्य रूप से रिमिटेंस शामिल होता है।
पहली तिमाही में प्रत्यक्ष विदेशी शुद्ध निवेश 6.2 अरब डॉलर से घटकर 5.7 अरब डॉलर रह गया। वहीं, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश का शुद्ध आंकड़ा 1.6 अरब डॉलर रहा जो एक साल पहले 0.9 अरब डॉलर था।
प्रवासी भारतीयों द्वारा देश में इस दौरान जमा की गयी राशि चार अरब डॉलर से घटकर 3.6 अरब डॉलर रह गयी।
