
साणंद, 29 अगस्त। भारत ने सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। गुजरात के साणंद में देश की पहली सेमीकंडक्टर पायलट लाइन शुरू हो गई है। यह परियोजना भारत के तकनीकी आत्मनिर्भरता के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। लक्ष्य है कि 2027 तक इस यूनिट में 100% उत्पादन शुरू हो जाएगा।
क्या है सेमीकंडक्टर पायलट लाइन?
यह पायलट लाइन सेमीकंडक्टर चिप्स के उत्पादन के लिए एक प्रायोगिक और अनुसंधान सुविधा है। इसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने से पहले उत्पादन प्रक्रियाओं को परखना, तकनीकी चुनौतियों को समझना और स्थानीय इकोसिस्टम को विकसित करना है। यह लाइन भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए जरूरी ज्ञान और अनुभव प्रदान करेगी।
आत्मनिर्भर भारत की ओर एक बड़ा कदम
यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्तमान में, भारत अपनी सेमीकंडक्टर जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है। इस पायलट लाइन के शुरू होने से न केवल यह निर्भरता कम होगी, बल्कि देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में उभर सकेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
