भौंरा। मंगलवार शाम को भौंरा-बीजादेही मार्ग पर दूध डेयरी के पास स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से महिला और उसके नवजात शिशु की जान जोखिम में पड़ गई। शाहपुर अस्पताल से प्रसव के बाद घर लौट रही महिला को ले जा रही एंबुलेंस वाहन क्रमांक CG04 KR 9453 अचानक पंचर हो गई। एंबुलेंस में स्टेपनी तक नहीं थी, जिसके कारण करीब आधा घंटा महिला और शिशु को सड़क किनारे खड़ी गाड़ी में ही बैठा रहना पड़ा।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि एंबुलेंस के जिस टायर में पंचर हुआ, वह पूरी तरह से घिस चुका था। टायर का माल पूरी तरह उतर चुका था और वह कबाड़ (रिजेक्ट) की स्थिति में था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ऐसे टायर को तो साधारण वाहन चालक भी इस्तेमाल करने से कतराते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवाओं में ऐसे टायर लगाए जा रहे हैं। यह लापरवाही सीधा-सीधा किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता देने जैसी है।
गौरतलब है कि एंबुलेंस अक्सर तेज रफ्तार में मरीजों को ले जाती है। ऐसे में यदि यह टायर सड़क पर फट जाता तो महिला-शिशु सहित एंबुलेंस में बैठे अन्य लोग किसी गंभीर हादसे का शिकार हो सकते थे। गनीमत रही कि टायर फटा नहीं, केवल पंचर हुआ और गाड़ी रुक गई।
स्टेपनी भी नहीं थी मौजूद
एंबुलेंस चालक अमित साहू ने कबूल किया कि गाड़ी में स्टेपनी नहीं थी। उन्होंने सफाई दी कि हमारी गाड़ी की स्टेपनी पहले ही घोड़ाडोंगरी की दूसरी एंबुलेंस को दे दी गई थी। वहीं खराब टायर की स्थिति को लेकर भी उन्होंने माना कि हां, हालत खराब है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने उठाए सवाल
घटना के समय मौके पर मौजूद ग्रामीण दिलीप माधव, संजू धुर्वे, शिरीष जायसवाल, जितेंद्र गुप्ता और महादेव मसकोले ने बताया कि एंबुलेंस के अगले टायर की हालत इतनी खराब थी कि सामान्य वाहन चालक भी ऐसे टायर का उपयोग करने से बचते हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की यह लापरवाही मरीजों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इस स्तर की लापरवाही पर अभी अंकुश नहीं लगाया गया तो किसी भी दिन मासूम मरीजों की जान पर बन सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को तुरंत एंबुलेंस की नियमित जांच, पुराने टायरों की बदली और सुरक्षा मानकों को लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे।
इनका कहना
मैं जानकारी लेता हूं उसके बाद आपसे बात करूंगा। मैं अभी कवरेज में नहीं हु।
रजनी सिंह
जननी 108 मेंटेनेंस प्रभारी
