जबलपुर: मदनमहल-दमोह नाका फ्लाईओवर के लोकार्पण अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने खुलासा किया कि इस फ्लाईओवर की नींव एक पुराने वादे और जिद से जुड़ी है।उन्होंने कहा, जब राकेश सिंह सांसद थे, तब उन्होंने इस फ्लाईओवर की मांग मेरे सामने रखी थी, लेकिन सीआरएफ फंड में इतनी बड़ी राशि का प्रावधान नहीं था। अधिकतम 200 करोड़ तक के ब्रिज बनाए जा सकते थे। बाद में पता चला कि यह नेशनल हाईवे भी नहीं है। उस समय मैंने कहा था- घोषणा की है तो काम भी करना पड़ेगा।
कमलनाथ सरकार का जिक्र
गडकरी ने बताया कि उस वक्त मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और कमलनाथ मुख्यमंत्री थे, उन्होंने कहा, मैंने कमलनाथ जी से निवेदन किया कि आप इस काम का प्रपोजल सीआरएफ में भेज दीजिए। मैं आपको इसका दोगुना पैसा राष्ट्रीय राजमार्ग से दिला दूंगा। उन्होंने प्रपोजल भेजा और आज वही योजना जबलपुर को ऐतिहासिक फ्लाईओवर के रूप में सौगात बनकर मिली है।
गडकरी ने इसे इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण बताते हुए कहा कि यह फ्लाईओवर न केवल जबलपुर बल्कि पूरे प्रदेश की यातायात व्यवस्था को नई रफ्तार देगा। मंच से उन्होंने कहा कि जनता को आज जो सुविधा मिली है, वह मिलकर किए गए प्रयासों का परिणाम है।
