इंदौर: जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए अपर मिशन संचालक ने दो दिनों तक विभिन्न संस्थाओं का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने रिकॉर्ड से लेकर मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं तक हर पहलू की बारीकी से समीक्षा की.अपर मिशन संचालक ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता का आकलन करने के लिए दो दिनों में शहर की कई महत्वपूर्ण इकाइयों का निरीक्षण किया.
आगामी वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना तैयार करने से पहले जमीनी हकीकत जानने के उद्देश्य से टीम शासकीय शहरी मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक, आजाद नगर पहुंची, जहां मेडिकल ऑफिसर डॉ. आरएस बोध से सेवाओं की जानकारी ली गई. एएनसी रजिस्टर, ओपीडी स्लिप और मरीज संख्या की जांच के बाद साफ-सफाई और सुविधाएं संतोषजनक मिलने पर स्टॉफ की सराहना की गई. इसके बाद जिला अस्पताल का निरीक्षण किया. यहां एनसीडी विभाग में रजिस्टर व पोर्टल संचालन, एनआरसी में डाइट वितरण और स्वच्छता, फोकल प्वाइंट की प्रक्रिया और दवा वितरण व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई.
नए भवन का कार्य 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश
जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्देश दिए कि मरीजों को दवाओं की कमी न हो, इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए. निर्माणाधीन नए भवन का निरीक्षण कर साइट इंजीनियर को फरवरी 2026 तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए. कीमोथेरेपी विभाग में डॉ. विभूति पाठक से चर्चा कर सेवाओं का मूल्यांकन किया, वहीं डीईआईसी में उमंग काउंसलिंग सेंटर और चाइल्ड फिजियोथेरेपी यूनिट की कार्यप्रणाली को सराहा.
अगले दिन द्रविड़ नगर स्थित मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक का भी निरीक्षण किया गया, जहां ओपीडी, दवा वितरण और राष्ट्रीय कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई. आयुष चिकित्सक डॉ. तपस्या मिश्रा और स्टॉफ से व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी लेकर कार्य की प्रशंसा की गई.
